स्वतंत्र बोल
रायपुर 17 अक्टूबर 2026: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को अदालत से सशर्त जमानत मिल गई है। तिरंगा मार्च के दौरान शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को दोपहर करीब 3 बजे उन्हें अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी रिहाई के लिए बॉन्ड भरने की शर्त रखी है।
इससे पहले दिपके 50 हजार रुपये का बॉन्ड भरने और एक साल तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की बात कहने के बाद रिहा हुए थे। हालांकि, इसके आठ दिन बाद ही उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
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बॉन्ड भरने के बाद ही रिहाई
अदालत ने अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत दी है। आदेश के मुताबिक, बॉन्ड भरने के बाद ही उन्हें रिहा किया जाएगा। इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि पुलिस उन्हें दोपहर 12 बजे से पहले अदालत में पेश कर सकती है, लेकिन पेशी करीब 3 बजे हुई।
दिपके को 10 अक्टूबर को भी गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन 50 हजार रुपये के मुचलके पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। इसके करीब आठ दिन बाद तिरंगा मार्च के दौरान उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया।
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नेहा बोरा को सुबह किया गया रिहा
दिपके के साथ हिरासत में ली गईं नेहा बोरा को शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने पुलिस पर कई आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़ देना चाहिए।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के मुताबिक, नेहा बोरा को आर.के. पुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया था। संगठन ने दावा किया कि उन्हें कई घंटों तक अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया।
दिल्ली के कुछ इलाकों में प्रदर्शन, कई लोग हिरासत में
तिरंगा मार्च से जुड़े घटनाक्रम के बीच दिल्ली के कुछ इलाकों में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद कुछ लोग प्रदर्शन करते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
अभिजीत दिपके और कॉकरोच जनता पार्टी के उनके साथी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल उनके साथी आशुतोष रांका और सौरभ दास तिहाड़ जेल में बंद हैं।


