कमजोर बूथों पर विशेष फोकस और A, B, C, D ग्रेडिंग: जानिए 2027 के लिए क्या है बीजेपी की तैयारी

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स्वतंत्र बोल
लखनऊ 16 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पूर्वांचल में अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। काशी और गोरक्ष क्षेत्र की 133 विधानसभा सीटों पर चल रहे प्रशिक्षण शिविरों से मिले संकेतों के मुताबिक, पार्टी अब अपने करीब 55 हजार बूथों की नए सिरे से ग्रेडिंग करने जा रही है। इन बूथों को ए, बी, सी और डी श्रेणियों में बांटा जाएगा, ताकि हर बूथ की जमीनी हकीकत का आकलन कर वहां के हिसाब से खास चुनावी रणनीति बनाई जा सके।

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लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद समीक्षा की जरूरत

साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी बीजेपी ने बूथों को चार श्रेणियों में बांटकर शानदार सफलता हासिल की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक परिणाम न मिलने के बाद पार्टी ने पुरानी रणनीतियों की समीक्षा करने का फैसला किया है। पार्टी के आंतरिक आकलन में यह बात सामने आई कि जिन बूथों को 2022 में मजबूत माना गया था, वहां 2024 में वोट प्रतिशत कम हुआ, जबकि कई कमजोर बूथों पर बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। इसी खामी को दूर करने के लिए अब बूथों की वास्तविक स्थिति के आधार पर नई ग्रेडिंग की जा रही है।

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इस तरह होगी बूथों की चार श्रेणियां और ‘सरल ऐप’ का इस्तेमाल

बीजेपी की इस नई योजना के तहत बूथों को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा:

  • A कैटेगरी: जिन बूथों पर पार्टी का सक्सेस रेट 80 प्रतिशत से अधिक है।

  • B कैटेगरी: जहां सक्सेस रेट 60 से 80 प्रतिशत के बीच है, और थोड़ी मेहनत से परिणाम सुधारे जा सकते हैं।

  • C कैटेगरी: जहां मुकाबला लगभग बराबरी का है और जीत-हार की दोनों संभावनाएं हैं।

  • D कैटेगरी: जहां सक्सेस रेट 40 प्रतिशत या उससे कम है और विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और रियल-टाइम फीडबैक के लिए ‘सरल ऐप’ का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, संगठन को मजबूत करने के लिए जिला पालक, विधानसभा प्रभारी और विस्तारक का एक मजबूत ‘त्रिकोण’ तैयार किया गया है, जो हर बूथ पर जाकर जनता की प्रतिक्रिया और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी रिपोर्ट सीधे संगठन तक पहुंचाएगा।