मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने समाधान शिविर में सुशासन का दिया संदेश

स्वतंत्र बोल
रायपुर 30 मई 2025.भटगांव विधानसभा क्षेत्र के भैयाथान में आज “सुशासन तिहार” के अंतर्गत एक भव्य समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने विशेष रूप से भाग लिया। मंत्री रजवाड़े ने शिविर स्थल पर पहुंचकर जनता की समस्याएं सुनीं, उनके समाधान के निर्देश अधिकारियों को现场 पर ही दिए, और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की। यह शिविर राज्य सरकार के “जन सरोकार और त्वरित समाधान” के सिद्धांत को

धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ। क्षेत्र के सैकड़ों नागरिक इस शिविर में पहुँचे और अपनी शिकायतें, आवेदन तथा समस्याएं मंत्री के समक्ष प्रस्तुत कीं। उपस्थित अधिकारीगणों ने शिविर में मौजूद रहकर अनेक समस्याओं का त्वरित निराकरण किया।

जनता के द्वार समाधान: मंत्री ने दिलाया भरोसा

मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता के द्वार पर जाकर समस्याओं का समाधान करना है, जिससे आम नागरिकों को भटकना न पड़े और उन्हें सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिले। उन्होंने कहा, “समस्याओं का समाधान पहुंचे जनता के द्वार यही तो है सुशासन तिहार का वास्तविक उद्देश्य।” उन्होंने यह भी कहा कि भैयाथान क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों को सरकार गंभीरता से देख रही है, और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

अन्नप्राशन व गोदभराई कार्यक्रम में रची गई भावनात्मक छवि

शिविर के साथ-साथ आयोजित अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने भाग लेकर माताओं और नवजात शिशुओं को आशीर्वाद दिया। उन्होंने अपने हाथों से कुछ बच्चों को पहला अन्न खिलाकर यह संदेश दिया कि राज्य सरकार शिशु पोषण, मातृत्व स्वास्थ्य और बाल कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस भावनात्मक अवसर पर मंत्री ने कहा कि, “एक स्वस्थ बच्चा और सशक्त माँ ही समाज की असली शक्ति होती है। महिला एवं बाल विकास विभाग इस दिशा में पूरे मनोयोग से कार्य कर रहा है।”

तत्काल समाधान की मिसाल बनीं कई शिकायतें
शिविर में उपस्थित नागरिकों ने बिजली, राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, भूमि संबंधित विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण आदि से जुड़ी समस्याएं प्रस्तुत कीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर सभी शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। कुछ शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जैसे वृद्धावस्था पेंशन से वंचित एक महिला को तत्काल नामांकन फॉर्म उपलब्ध कराया गया और मौके पर ही उसकी प्रविष्टि भी सुनिश्चित की गई। इसी तरह एक दिव्यांग युवक को व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के निर्देश तुरंत जारी किए गए।

अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी और जवाबदेही
शिविर में ब्लॉक अधिकारी, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, महिला बाल विकास अधिकारी, खाद्य विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, और अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता न होकर परिणाममुखी और समयबद्ध होना चाहिए। स्थानीय ग्रामीणों ने मंत्री रजवाड़े एवं राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ा और पहली बार किसी मंत्री को इतनी संवेदनशीलता के साथ आमजन की बात सुनते देखा।