रायपुर 15 अक्टूबर 2022. महिला बाल विकास विभाग में चल रही गड़बड़ियों और अनियमितता की खबरे मीडिया की सुर्खियां बनने से विभाग के जिम्मेदार अफसर परेशान है। विभाग में बीते साल भर में दर्जन भर से अधिक गड़बड़ियां उजागर हुई है।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
संचालक द्वारा पद का दुरुपयोग कर बंगला में साज सज्जा, पर्यवेक्षकों की भर्ती और पोस्टिंग में गड़बड़ी, उपसंचालक पदोन्नति में अनियमितता, संचालनालय में नियम विपरीत गाड़ियों की उपयोगिता, सीएसआर फंड से गाडी लेना, वजन मशीन की खरीदी सहित दर्जनों ऐसे प्रकरण है जिसने विभाग में चल रही भर्राशाही की पोल खोल दी है। ऐसे मे अफसर कार्यप्रणाली में सुधारने की बजाये अधिकारियो को सुधारने में जुटे है और खबरों को रोकने में ज्यादा ध्यान दे रहे है, ताकि उनकी गड़बड़ियां सार्वजनिक ना हो सके।
अफसरों ने मिडिया पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गड़बड़ी और घोटाले से जुडी खबरों को गलत ठहराने फेक न्यूज़ मॉनिटरिंग सेल का सहारा लिया। अब विभागीय कर्मियों को ट्रांसफर की अप्रत्यक्ष चेतावनी दी जा रही है तो कुछेक का तबादला भी कर दिया गया है। जानकारीनुसार संचालनालय में पदस्थ अफसरो द्वारा विभागीय कर्मियों को विभाग की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगा कर पनिशमेंट ट्रांसफर किया है। वही कुछेक अफसरों की शिकायत विभागीय सचिव से की गई। अफसरों का मानना है कि विभागीयकर्मियों के द्वारा विभागीय सूचनाओं को मीडिया में लीक की जाती है, जबकि स्थिति इसके विपरीत है। संचालनालय में पदस्थ कुछेक अफसरों ने संगठित तरीके से शासन की अधिकांश योजनाओ में बड़े पैमाने पर धांधली की, संगठित तरीके से भ्रष्टाचार किया है। जिसकी गवाही आरटीआई से निकले दस्तावेज दे रहे है। ऐसे में जिम्मेदार संचालक और उप संचालक को स्वयं के कार्यशैली में सुधार करने आवश्यकता है.. ना की मीडिया की पहरेदारी करने में।
बालिका गृह में गरबा उत्सव, बच्चो संग थिरकी संचालक, महिला बाल विकास का आयोजन
