दुष्कर्म पीड़िता और आरोपित ने रचाई शादी, कोर्ट ने दर्ज FIR निरस्त कर याचिका निराकृत किया

बिलासपुर 01 अप्रैल 2023. हाईकोर्ट से दुष्कर्म के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला आया है। हाईकोर्ट ने दुष्कर्म की दर्ज एफआईआर को इस आधार पर रद्द कर दिया क्योंकि पीड़िता और आरोपी के मध्य समझौता हो गया है और दोनों अब शादी कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने माना है कि विवाद का मुख्य कारण ही समाप्त हो गया है तो एफआईआर भी रद्द किया जाये। मामला बिलासपुर जिले का है जहाँ 26 जून 2021 को पीड़िता ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और एक्ट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई थी। बाद में पीड़िता एवं आरोपीत ने समझौता के बाद शादी कर ली। ऐसे में कोर्ट ने दर्ज एफआईआर को निरस्त करते हुए मामला को निराकृत कर दिया।
जस्टिस रजनी दुबे की सिंगल बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि
“दुष्कर्म के मामले में दर्ज अपराध को उस आधार पर खत्म किया जा सकता है जिसमें पीड़ित और आरोपी ने आपस में समझौता हो जाये और पीड़िता कोई कार्यवाही करना नहीं चाहती हो। पीड़िता और आरोपित अगर शादी कर लें तो मामला समाप्त किया जा सकता है।”
हाईकोर्ट ने माना कि यदि पीड़िता व आरोपीत के बीच विवाद का मुख्य कारण ही समाप्त हो गया है तो एफआईआर निरस्त की जा सकती है। साथ ही दुष्कर्म के मामले में दर्ज अपराध का मुख्य कारण विवाह नहीं करना था इससे ही नाराज होकर पीड़िता ने एफआईआर कराई थी। अब आरोपी ने पीड़िता से विवाह कर लिया है इसलिए अब अपराध का मुख्य कारण ही समाप्त हो जाता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के दर्ज एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया है।

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