EXCLUSIVE जिस प्रोफ़ेसर को ओपन यूनिवर्सिटी ने अपात्र पाया उसे रविशंकर विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाया, शिकायत पर जाँच पेंडिंग

रायपुर 16 मई 2022. जिस प्रोफ़ेसर को सुंदरलाल विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाने चयन समिति ने अयोग्य पाया था उसे प्रदेश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाया गया है। पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय में कुलसचिव चयन समिति ने प्रोफ़ेसर गिरीशकांत पांडेय को अयोग्य पाया था और उनका अभ्यावेदन रिजेक्ट कर दिया था। उसके बाद उन्हें रविशंकर विश्वविद्यालय में कुलसचिव बना दिया गया है। जिसके बाद उच्च शिक्षा के अधिकारियो पर सवाल उठ रहा है।

साल 2015 में पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्वविद्यालय में कुलसचिव की नियुक्ति हेतु चयन समिति बनाई गई थी जिसमे रजिस्ट्रार बनने करीब दर्जन भर प्राध्यापकों ने आवेदन किया था। चयन समिति ने कुलसचिव हेतु न्यूनतम पांच वर्षो का प्रशासनिक कार्यानुभव माँगा था जिसमे अधिकांश अपात्र हो गए। प्रोफ़ेसर गिरीशकांत पांडेय के अभ्यावेदन को स्क्रूटनी समिति ने वांछित अहर्ता को पूरा ना करने अपात्र पाया था। जिसे साल 2019 में पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय में कुलसचिव बनाया गया। जिसकी शिकायत पर आज भी जाँच लंबित है। बताते है क़ी इस मामले की शिकायत उच्च शिक्षा विभाग में हुई पर तत्कालीन जाँच अधिकारी ने रिश्तेदारी निभाते हुए सही जाँच प्रतिवेदन अब तक शासन को नहीं भेजा है।

 

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