रायपुर 23 अप्रैल 2022. अपनी मांगो को लेकर 44 दिनों से धरनारत विद्युत् विभाग के संविदाकर्मियों पर पुलिस ने लाठीया भांजी और बलपूर्वक गिरफतार कर जेल भेजा। शनिवार सुबह पुलिस ने धरनारत कर्मियो को बलपूर्वक खदेड़ा और बस में भरकर गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया। पुलिस के बलप्रयोग से हड़कंप मच गया। पुलिस ने आंदोलनरत कर्मियों को दौड़ा दौड़ा कर मारा और गालियां दी।
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दरअसल विद्युत् विभाग के संविदा कर्मचारी बीते 44 दिनों से राजधानी के बूढ़ातालाब धरना स्थल में डटे हुए है। नियमितीकरण सहित दो प्रमुख मांगे है जिन्हे पूरा करवाने वे जमे हुए है।
कर्मियों पर पुलिस द्वारा बलप्रयोग करने पर पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि
“आंदोलनकारी बीती रात को बिना पूर्व अनुमति के मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करने निकले थे जिन्हे स्मार्ट सिटी कार्यालय के पास रोका गया तो वही सड़क में बैठ गए। पुलिस द्वारा समझाने पर वे नहीं माने, जिससे राहगीरों को तकलीफे हुई। सुबह आंदोलनकारी उग्र प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए अलग अलग टुकड़ो में शासकीय कार्यालय का घेराव निकले जिन्हे खदेड़ा गया। कुछ को गिरफ्तार किया गया।
संविदाकर्मियों को पीटना कायरता- बीजेपी
संविदाकर्मियों पर पुलिस कार्यवाही पर बीजेपी ने दुःख व्यक्त किया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि संवैधानिक तरीके अपनी मानगो के लिए आंदोलन करते संविदाकर्मियों पर लाठी चार्ज करना, उन्हें पुलिस से पिटवाना सरकार की कायरता को दर्शाता है। श्री साय ने सरकार से पूछा कि क्या आंदोलनरत युवा गुंडे थे जिन्हे पीटा गया? लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे आंदोलन को कुचलने का कुत्सित प्रयास सरकार कर रही है।
