इंजेक्शन से बच्ची की मौत: झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया इंजेक्शन, दो साल की मासूम की मौत।

बलरामपुर 18 अक्टूबर 2022: जिला अंतर्गत ग्राम कुसमी में झोलाछाप डॉक्टर ने मासूम बच्ची की जान ले ली। बच्ची सर्दी, खांसी व बुखार से पीडि़त थी। डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाते ही बच्ची खून की उल्टी करने लगी और अचानक सुस्त हो गई। उसे आनन फानन में परिजन इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहाँ जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत बच्ची के परिजन ने झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। इस मामले में अंबिकापुर पुलिस ने मर्ग कायम किया है।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मनोहर राम कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम नीलकंठपुर का रहने वाला है। उसकी दो वर्षीय बेटी सिमरन 14 अक्टूबर से सर्दी, खांसी व बुखार से पीडि़त थी। परिजन उसे इलाज के लिए 17 अक्टूबर की दोपहर 12 बजे कुसमी स्थित बाबा केजीएन मेडिकल स्टोर ले गए। यहां झोलाछाप डॉक्टर सेराज द्वारा बच्ची का इलाज किया गया। इस दौरान डॉक्टर ने बच्ची के कमर व बांह में दो इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही बच्ची की तबियत और बिगड़ गई और वह खून की उल्टी करने लगी। बच्ची की स्थिति बिगडऩे पर परिजन ने डॉक्टर को जानकारी दी। इस दौरान डॉक्टर ने एक और सिरप दिया और कहा कि थोड़ी-थोड़ी देर में पिलाते रहो। इसके बावजूद बच्ची की स्थिति सामान्य होने की बजाय और बिगड़ती चली गई।
डॉक्टर ने निजी वाहन से भेजा अंबिकापुर
जब मासूम बच्ची की स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई तो डॉक्टर सेराज ने स्वयं निजी वाहन कर बच्ची को परिजन के साथ इलाज के लिए अंबिकापुर भेजा। परिजन बच्ची को लेकर अंबिकापुर रवाना हुए और शाम करीब ६ बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंच कर आपातकालीन डॉक्टर से दिखाया। यहां जांच के दौरान चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
परिजन ने लगाया गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
मासूम बच्ची की मौत के बाद परिजन सदमे में है, बच्ची के पिता मनोहर ने आरोप लगाया है कि बच्ची को मामूली सर्दी, खांसी था। कुसमी के बाबा केजीएन मेडिकल स्टोर के डॉक्टर सेराज द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से मेरी बच्ची की मौत हो गई। इंजेक्शन लगाते ही बच्ची खून की उल्टी करने लगी और वह अचानक सुस्त हो गई थी। इधर परिजन द्वारा आरोप लगाने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की टीम गठित कर बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया। इस मामले पर बीएमओ कुसमी ने कहा कि
“मेडिकल स्टोर संचालक को इलाज करने का अधिकार नहीं है, अगर ऐसा मामला आया है तो जांच कराकर संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।”
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