मुंबई 22 नवम्बर 2022: उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के नेता और राज्य सभा सदस्य संजय राउत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में गवर्नर की गरिमा खत्म हो चुकी है। हम उन्हें गवर्नर मानने को तैयार नहीं हैं। वह सिर्फ BJP कार्यकर्ता रह गए हैं। गवर्नर को निष्पक्ष होना चाहिए और अपनी बातों में गरिमा दिखानी चाहिए। लेकिन हमारे गवर्नर छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले औश्र सावित्रीबाई फुले पर बयान देते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र का मजाक बना दिया है।
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दरअसल शनिवार को कोश्यारी ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी राव पुराने समय के हीरो थे, नए जमाने के हीरो डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और नितिन गडकरी हैं। इस बयान से विवाद पैदा हो गया। विपक्षी दलों समेत मराठा संगठनों ने मांग रखी कि केंद्र सरकार कोश्यारी को गवर्नर पद से हटा दें।
किसी राज्य में गवर्नर के खिलाफ ऐसा गुस्सा नहीं देखा- संजय राउत
संजय राउत ने आगे कहा कि किसी राज्य में गवर्नर के खिलाफ ऐसा गुस्सा कभी नहीं देखा गया। यहां लोग आक्रोशित हैं। यहां BJP ने राजभवन को अपना हेडक्वॉर्टर बना दिया है, जिससे गवर्नर की गरिमा खत्म हो गई है। राउत ने आगे कहा कि NCP और शिंदे गुट की शिवसेना के भी कई नेताओं का यही मानना है कि महाराष्ट्र के गवर्नर को पद से हटा देना चाहिए, लेकिन उन लोगों में हिम्मत नहीं है कि ये बात सबके सामने कह सकें।
नितिन गडकरी ने किया बयान का विरोध, कहा- शिवाजी हमारे भगवान हैं
नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम को मराठी में संबोधित करते हुए कहा- शिवाजी महाराज हमारे भगवान हैं। हमारे अंदर मां और पिता से भी अधिक शिवाजी महाराज के प्रति निष्ठा है। उनका जीवन हमारे लिए आदर्श है। वे यशस्वी, कीर्तिवान, सामर्थ्यवान जनता राजा थे। वे दृढ़ संकल्प के महामेरु, अभंग श्रीमंत योगी थे। वे डीएड, बीएड कर लेने वाले राजा नहीं थे।
एकनाथ शिंदे गुट के मंत्री ने कहा था- कोश्यारी को राज्य से बाहर भेजो
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट के शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने मंगलवार को भाजपा से राज्यपाल को हटाने की मांग कर दी। गायकवाड़ ने कहा- राज्यपाल को इतिहास की जानकारी नहीं है। उन्हें राज्य से बाहर भेज देना चाहिए।
संजय गायकवाड़ ने कहा, ‘राज्यपाल को यह समझना चाहिए कि छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श कभी पुराने नहीं पड़ते और उनकी तुलना दुनिया के किसी भी महान व्यक्ति से नहीं की जा सकती है। केंद्र में भाजपा नेताओं से मेरा अनुरोध है कि एक ऐसा व्यक्ति जो राज्य के इतिहास को नहीं जानता है और यह कैसे काम करता है, इसे कहीं और भेजा जाए।’
NCP नेता महेश तपासे ने कहा, ‘महाराष्ट्र के राज्यपाल ने अपने बयानों से हमेशा विवाद खड़े किए हैं। आज एक पत्र लिखकर मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील करूंगा कि वे महाराष्ट्र गवर्नर से बात करें और उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताएं। अगर वे नहीं सुनते हैं, तो उन्हें दूसरे राज्य में ट्रांसफर कर देना चाहिए।’
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