रायपुर 28 नवंबर 2022. नाबालिकों के साथ दुष्कर्म और लैंगिक अपराधों में पीड़ित की पहचान उजागर करने पाक्सो एक्ट अंतर्गत कार्यवाही हो सकती है। इसके लिए राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग के अध्यक्ष ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिख पहचान उजागर करने वालो पर अपराध दर्ज करने कहा है। बीते कुछ महीनो में प्रदेश में घटित हुए बाल अपराधों पर मीडिया व अन्य द्वारा पीड़िता की पहचान उजागर किया गया, जिससे पीड़िता और उसके परिजनों को सामाजिक बदनामी, कठिनाई और असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। पास्को एक्ट में अंतर्गत पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान है।

|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष तेजकुमारी नेताम ने बताया कि
“नाबालिकों के साथ घटित घटनाओ की पहचान किसी भी तरह से उजागर होने पर पास्को एक्ट 2021 की धारा 23 अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। एक्ट में मीडिया के लिए स्पष्ट निर्देश है.. जिसमे कार्यवाही करने सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है।”
