पुलिस को दिए आवेदन को वापस लिया और नहीं कराया एफआईआर, अवैध गोदनामा पर लीपापोती में जुटे अधिकारी.. मंत्री बोली-

“स्वतंत्र बोल”
रायपुर 30 जून 2023.  राजधानी में अवैध गोदनामा मामला सार्वजनिक होने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, तो विभागीय अधिकारी एक बार फिर लीपापोती में जुट गए है। उधर महिला बाल विकास मंत्री ने जाँच कराने की बाते कही है।

राजधानी में अवैध गोदनामा: दस महीने की बच्ची को 500 रुपये के स्टांप पर दे दिया गोदनामा, जैन दंपत्ति पर एफआईआर करने लिखा पत्र.. महिला बाल विकास अधिकारियो का कारनामा।

सितंबर 2022 में इस मामले पर महिला बाल विकास जिला कार्यालय के अधिकारियो ने गंभीर लापरवाही की। तत्कालीन जिला बाल सरंक्षण अधिकारी रहे नवनीत स्वर्णकार ने गंभीर मामले पर एफआईआर करने सिविल लाइन पुलिस थाने में शिकायत किया था, कुछ घंटो बाद ही शिकायत को विभागीय अधिकारियो द्वारा थाने से वापस ले लिया गया था। इस मामले में तत्कालीन जिला बाल सरंक्षण अधिकारी और नोडल अधिकारी संजय निराला के बीच मतभेद थे। बताते है कि संजय निराला ने ही पुलिस थाने से शिकायत को दस्तावेजों में कमी का हवाला देकर वापस लिया था, और प्राथमिकी नहीं हो पाई थी। पूरे घटनाक्रम में तत्कालीन डीसीपीओ और नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है, कुछ समय पहले डीसीपीओ नवनीत स्वर्णकार की मौत हो चुकी है।
पुलिस को दिया शिकायत वापस लिया गया था।
अफसरों ने किया गुमराह- हितेश
राजधानी के संतोषी नगर निवासी कारोबारी हितेश जैन ने जिस बच्ची को साल 2020 में गोद लिया था वह अब साढ़े तीन साल की हो गई है। बच्ची का जन्म राजधानी के भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में हुआ था, बाद में बच्ची की माँ ने दस महीने की नवजात को रीमा हितेश जैन को गोद दे दिया था। दो साल बाद एकाएक बच्ची की जैविक माँ मेघा रवि वर्मा ने बच्ची के लिए शिकायत की तो पूरा मामला सार्वजनिक हुआ। सितंबर 2022 में अवैध तरीके गोद लेने की शिकायत सामने आने के बाद भी अधिकारियो ने पुरे मामले को दबाया और पुलिस में की गई शिकायत को वापस लेकर बेहद गोपनीय रखा। अधिकारियो और जैन दंपत्ति ने कारा CARA(Central Adoption Resource Authority) में आवेदन नहीं किया। गड़बड़ी को छिपाने जून महीने के दूसरे सप्ताह में कारा में आवेदन किया है। दत्तक लेने वाले हितेश जैन ने स्वतंत्र बोल से कहा कि
“पिछले वर्ष मेरी बच्ची को विभागीय अधिकारी ले गए थे, बाद में मुझे वापस दे दिया था। मैंने अधिकारियो से गोदनामा की प्रक्रिया के संबंध में कई बार कार्यालय जाकर पूछा पर पर मुझे नहीं बताया और चुप रहने कहा। कुछ दिन पहले शिकायत की जानकारी होने पर ‘कारा’ में आवेदन किया हूँ।”
राजधानी में घटित बेहद गंभीर मामले पर महिला बल विकास के अधिकारियो ने चुप्पी साध रखी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी निशा मिश्रा और तत्कालीन नोडल अधिकारी संजय निराला से बात करने दोनों को फ़ोन किया गया पर दोनों ने फ़ोन नहीं उठाया ना ही मेसेज का जवाब दिया। महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया ने मीडिया से कहा कि
“उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, अधिकारियो से जानकारी लेकर जाँच और कार्यवाही करेंगी।”

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