छत्तीसगढ़ में 5G: कंपनियों ने शुरू किया काम, मार्च में होगी लांचिंग..जियो और एयरटेल ग्राहकों को मिलेगी सुविधा

रायपुर 10 अक्टूबर 2022: छत्तीसगढ़ के मोबाइल यूजर्स को मार्च 2023 से 5जी इंटरनेट सर्विस मिलनी शुरू हो जाएगी। रिलाइंस जियो ने देश के जिन 100 शहरों में सेवा शुरू करने का प्लान बनाया है, उनमें रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई हैं। इनमें से 50 टाॅप प्रायोरिटी (प्राथमिकता) वाले शहरों में रायपुर और दुर्ग को रखा गया है, जहां मार्च से 5-जी सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए रायपुर में सर्वे शुरू कर दिया है। जियो के अफसरों ने बताया कि 5जी नेटवर्क के लिए ‘मेड इन इंडिया’ उपकरणों का इंस्टॉलेशन नवंबर से शुरू होकर दिसंबर तक चलेगा। जनवरी में टेस्टिंग हो जाएगी। सब समय पर रहा तो मार्च में सेवा शुरू कर दी जाएगी।

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जियो के अलावा 5-जी के लिए छत्तीसगढ़ में एयरटेल ने भी तैयारी शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ में 5-जी सेवा के लिए जियो और एयरटेल, दोनों ही अपने 4 जी टॉवरों को हाई क्वालिटी उपकरणों से अपग्रेड करने जा रहे हैं। इसके बाद जरूरत पड़ी तो नए टाॅवर लगेंगे। इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम इन्हें मानकों पर परखेगा, तब जाकर सेवा लॉच होगी। राज्य में तीसरे फेज में 5-जी सेवा शुरू होगी। इसकी टाइम लाइन मार्च-अप्रैल 2023 तय की गई है।

राज्य में 2.50 करोड़ मोबाइल नंबर एक्टिवेट हैं। गौरतलब है कि अक्टूबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022 के दौरान 5जी तकनीक की लांचिंग की।केबल फाइबर 5 जी अब भी

टेलीकॉम कंपनी से जुड़े एक अफसर ने बताया कि 5 जी फाइबर एक केबल आधारित सेवा है, जो अब भी शहर में हैं। इसके तहत आप घर पर एक सीमित रेंज में इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्मार्ट टीवी ऑपरेट कर सकते हैं। मगर, जैसे ही आप इस रेंज के बार निकलेंगे, नेटवर्क चला जाता है। यहीं पर टॉवर आधारित नेटवर्क की जरुरत पड़ती है, जो कंपनियां लेकर आ रही हैं।

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5जी सेवा को ऐसे समझें- यह सॉफ्टवेयर आधारित मोबाइल नेटवर्क का 5वां जनरेशन है, जिसे वायरलेस नेटवर्क की स्पीड और इफिसिएंसी बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है। 4जी में अभी अधिकतम 100 एमबीपीएस स्पीड मिल रही है, 5जी में यह स्पीड 10जीबीपीएस तक पहुंच जाएगी।

डाउनलोड स्पीड कितनी तेज

अभी 4जी की डाउनलोड स्पीड 150 मेगाबाइट्स प्रतिसेकंड तक है, 5 जी में ये 10 जीबी प्रति सेकंड होगी।

क्या 4जी, 3जी बंद हो जाएंगे

नहीं, ये सभी सुविधाएं चलती रहेंगी। राज्य में निजी कंपनियां 4जी जबकि बीएसएनएल 3जी सेवा दे रहा है।
5-जी सेवा की दरें क्या होंगी- इस सेवा की दरें तय नहीं की गई हैं। लेकिन यह निश्चित है कि 4जी की तुलना में दर अधिक होंगी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 971 टॉवर में से 128 शुरू

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एलडब्ल्यूई योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 971 टावर लगने हैं। इनमें से 128 टॉवर इंस्टॉलेशन के साथ शुरू हो चुके हैं। अधिकतर टावर सीआरपीएफ और पुलिस कैं0प में लगाए जा रहे हैं। हालांकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से 214 जगहों पर सर्वे नहीं हो पाया है। उधर, 1 अक्टूबर को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने और 43 कैंप में टावर लगाने की सूची जियो को भेजी है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य जवानों को मोबाइल, इंटरनेट की सुविधा मुहैया करवाना है ताकि वे परिवार से बात कर सकें। साथ ही नक्सली नेटवर्क को तोड़ा जा सके।

टेलीकॉम कंपनियों ने मार्केटिंग और कमर्शियल आस्पेक्ट के हिसाब से तैयारियां शुरू कर दी हैं। छत्तीसगढ़ में अगले साल मार्च तक 5 जी सर्विस शुरू होने की संभावना है।

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