सुपरवाइजर भर्ती फर्जीवाड़ा: अभ्यर्थी के साथ उनके रिश्तेदार और एड्रेस भी बदला, अधिकारियो को राजिम और रायगढ़ में अंतर नहीं मालूम,, सचिव ने कहा..

रायपुर 21 जून 2022.  महिला बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा सार्वजनिक होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जिम्मेदार अधिकारी गंभीर मामले को त्रुटि बताकर दामन बचाने में जुटे है। महिला बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षको के 200 पदों पर हुई नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है, संचालक द्वारा चयन आदेश जारी कर उसे नियुक्ति के पूर्व ही निरस्त कर दूसरी सूची जारी किया गया था जिसमे करीब 12 अभ्यर्थियों के नाम गायब है। संचालक द्वारा जारी सूची मे भी ढेरो खामियां है।

4 मई को जारी सूची में सरल क्रमांक 5 में गीता साहू केयर ऑफ़ उमेश कुमार साहू पता शीतला पारा सुरसाबांधा राजिम बताया गया वही सरल क्रमांक दस की अभ्यर्थी प्रीति देवांगन को भी उमेश कुमार साहू का परिचित और पता शीतला पारा सुरसाबांधा राजिम बताया गया। वही सरल क्रमांक 11 की अभ्यर्थी भारती जांगड़े को विनोद देवांगन का परिचित और पता महाराणा प्रताप वार्ड 20 पेट्रोल पम्प के पास जिला मुंगेली बताया। 10 मई को संचालक दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा जारी दूसरी सूची में इनका पता और रिस्तेदार दोनों बदल गए। सरल क्रमांक 10 की अभ्यर्थी प्रीति देवांगन को विनोद देवांगन का रिश्तेदार और पता ईडब्लूएस लोचन नगर वार्ड 25 चक्रधर नगर जिला रायगढ़ बताया गया है जिसे पहले सूची में राजिम का निवासी बताया गया था। वही सरल क्रमांक 11 की अभ्यर्थी भारती जांगड़े को रविकांत जांगड़े का रिश्तेदार बताया और पता महाराणा प्रताप वार्ड क्रमण 20 पेट्रोल पम्प के पास जिला मुंगेली बताया गया है। पूर्व की जारी सूची में भारती को रायगढ़ का निवासी बताया गया था।

क्या लिपिकीय त्रुटि से बदला रिश्तेदार और घर का पता…?

इस गंभीर मामले में संचालक महिला बाल विकास चौतरफा घिर गई है। उन्होंने पहली सूची को एक सप्ताह बाद बिना किसी ठोस कारण बताये निरस्त कर दिया, दूसरी सूची में अभ्यर्थियों के परिचितों और पता बदल गया। ऐसे में अभ्यर्थियों का कौन सा पता और रिश्तेदारों का नाम सही है स्पष्ट कह पाना मुश्किल है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी गंभीर चूक को लिपिकीय त्रुटि बताकर पल्ला झाड़ने में जुटे है जबकि वास्तविकता वे बेहतर जानते है। विभाग के जानकर अफसरों का मानना है कि नाम, पता और रिश्तेदारो का नाम बदलना सामान्य चूक नहीं है। इस पुरे प्रकरण की जाँच होना आवश्यक है। महिला बाल विकास सचिव भुवनेश यादव ने इस विषय पर कहा कि

“संचालक इस विषय पर बेहतर जानकारी दे पायेंगी, लिखित में शिकायत मिले तो पत्र लिखकर संचालक से जानकारी लेंगे।”

 

EXCLUSIVE सुपरवाइजर भर्ती में फर्जीवाड़ा: चयन सूची में हेर-फेर, चयनित 12 अभ्यर्थियों का नाम गायब.. नियुक्ति के पहले ही संचालक ने बदल दी सूची

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