रायपुर, 21 फरवरी 2022. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल लाला लाजपत राय बिलासपुर में बच्चों के एडमिशन के नाम पर वसूली की शिकायत प्रमाणित नहीं हो पाई। पालको ने प्राचार्य राजेश गुप्ता पर बच्चो के एडमिशन के रकम वसूली की शिकायत किया था जिस पर स्कूल शिक्षा विभाग ने जाँच समिति गठित कर जाँच करवाया जिसमे वसूली संबंधी बाते प्रमाणित नहीं हो पाई। जाँच टीम ने एडमिशन, प्रवेशित बच्चो के दस्तावेज सहित अन्य दस्तावेजों की जाँच की जिसमे खामिया पाई गई।
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निर्धारित सीटों से ज्यादा प्रवेश-
स्कूल के प्राचार्य ने स्कूल में निर्धारित सीटों से ज्यादा छात्रों को प्रवेश दे दिया है। कुछ बच्चो के भर्ती संबंधी दस्तावेज भी अधूरे है उसके बाद भी उन्हें प्रवेश दिया गया। बच्चों के प्रवेश से संबंधित रजिस्टर भी संधारित नही की गई, जिसे जाँच समिति ने रिपोर्ट में लिखा है। बताते है कि प्राचार्य ने एडमिशन के नाम पर बड़ा खेल किया, नियमो को दरकिनार कर मनमाने ढंग से प्रवेश दिया गया।
पर्दा डालने हो रही कोशिश..?
एडमिशन में वसूली की शिकायत के बाद स्कूल शिक्षा सचिव डॉ आलोक शुक्ला ने जाँच समिति बनाकर रिपोर्ट माँगा था जिसमे समिति ने वसूली संबंधी शिकायतों को दरकिनार किया है, वही ढेरो खामिया को पकड़ा है। जाँच समिति द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में पहले वसूली की शिकायत को सही बताया गया बाद में उसे लिपिकीय त्रुटि बताया जा रहा है। विभागीय अफसरों में स्कूल शिक्षा सचिव को 4 फरवरी को जाँच रिपोर्ट भेजा था जिसमे वसूली की शिकायत को सही पाया था, जिसे 17 दिनों बाद यू टर्न लेते हुए रिपोर्ट को गलत बता रहे है। अफसरों का तर्क है कि लिपिकीय त्रुटि से “नहीं” शब्द छूट गया था जिससे वसूली की शिकायत प्रमाणित नहीं पाई गई, ऐसा बताया जा रहा है।
सूत्रों की माने तो एडमिशन के नाम पर बड़ा खेल किया गया है जो जाँच रिपोर्ट में प्रमाणित भी हुई पर अब उसमे पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
