रायपुर 14 नवंबर 2022. श्री कृष्ण वाटिका डेवलपर्स कंपनी के एक संचालक एफआईआर के बाद परिवार के साथ भूमिगत हो गया है। पुलिस ने उसकी तलाश में शंकर नगर स्थित उसके घर पहुंची तो वहां ताला बंद मिला। बीते महीने 14 अक्टूबर को कोर्ट के आदेश के बाद राजेश आहूजा, उसकी पत्नी सौम्या आहूजा, उसके परिजन विकास आहूजा, रमेश आहूजा पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया था। प्राथमिकी के बाद पुलिस ने सभी को बयान के लिए तलब किया था, जिस पर राजेश आहूजा ने पुलिस से समय माँगा था और अब गायब हो गया है। पुलिस को अंदेशा है कि सभी आरोपित नागपुर भागे होंगे।
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बैंक प्रबंधन भी शामिल-
इस पुरे फर्जीवाड़े में बैंक प्रबंधन भी शामिल है। देवेंद्र नगर के पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधन ने राजेश और सौम्या आहूजा को जमीन के बदले 90 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया था, जिस पर श्री कृष्णा वाटिका डेवलपर्स के दूसरे संचालक ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। दूसरे संचालक के अनुसार राजेश और सौम्या आहूजा ने जमीन के फर्जी पेपर्स बनाकर, गलत तरीके से लोन लिया जिसमे बैंक के अधिकारी भी शामिल है। अधिकारियो ने लोन के पूर्व, दूसरे संचालक को ना तो जानकारी दी ना ही जमीन का सही सत्यापन किया। अधिकारियो से मिलीभगत आहूजा ने लोन लेकर चंपत हो गया और लोन भी एनपीए हो गया है। जिससे श्री कृष्णा वाटिका के दूसरे संचालक और पंजाब नेशनल बैंक को 90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस ने बैंक प्रबंधन को नोटिस भेजकर लोन से संबंधित जमीन के दस्तावेज मांगे है पर एक पखवाड़े के बाद भी बैंक प्रबंधन ने दस्तावेज पुलिस को नहीं दिया है। जिसके बड़ा बैंक प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठ रहा है।
पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक दीपेश वर्मा ने कहा पुलिस नोटिस के संबंध में बैंक के क्षेत्रीय शाखा को अवगत कराया गया है, वहां से अप्रूवल मिलने के बाद दस्तावेज उपलब्ध करा दिया जायेगा। वही पूर्व बैंक प्रबंधक मंजी सींग का तबादला देवेंद्र नगर से कुरुद कर दिया गया है। मंजी सींग ने कहा कि लोन बहुत पहले दिया गया था, पुलिस द्वारा नोटिस की जानकारी है, मेरा तबादला हो गया इसलिए मै ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता।
