बिलासपुर 25 नवम्बर 2022: छत्तीसगढ़ की सिंगर मोनिका खुरसैल को उनके पिता और चहेतों ने अनोखी विदाई दी। अंतिम यात्रा से पहले बेटी की याद में पिता ने संगीत संध्या रखी, जिसमें उन्होंने खुद भजन गाकर संगीत की दुनिया में नाम रोशन करने वाली बेटी को विदा किया। बुधवार को मोनिका की ब्रेन हेमरेज के बाद रायपुर के अस्पताल में मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके पार्थिव शरीर का बिलासपुर में अंतिम संस्कार किया गया।
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छत्तीसगढ़ी गीतों में अपनी अलग पहचान बनाकर कामयाबी की ओर आगे बढ़ रही मोनिका ने बहुत कम उम्र (25 साल) में परिवार के साथ संगीत प्रेमियों को अलविदा कह गई। भले ही मोनिका अब इस दुनिया में नहीं रही। लेकिन, छत्तीसगढ़ी में गाए उनके गीत हमेशा गुंजती रहेगी।
दरअसल, बिलासपुर के हेमू नगर की रहने वाली सिंगर मोनिका ब्रेन हेमरेज के बाद रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती थीं। आर्थिक तंगी और गरीबी के चलते समय पर इलाज नहीं मिला और उसका ऑपरेशन देर से हुआ, जिसके चलते बुधवार की सुबह मोनिका की मौत हो गई।
संगीत संध्या में भजन गाकर पिता ने दी अंतिम विदाई
मोनिका के पिता प्रमोद खुरसैल पेशे से वकील है और वह मोनिका के पहले गुरु भी हैं। पिता ने मोनिका की मौत के बाद उसकी यादों को संजोकर रखने के लिए संगीत संध्या का आयोजन किया, जिसमें मोनिका को संगीत सिखाने और उसके साथ गाने वाली टीम के लोग शामिल हुए।
इस आयोजन में मोनिका के पिता ने रूंधे स्वर में खुद गीत गाकर अपनी लाडली बिटिया को अंतिम विदाई दी। बेटी के मृत देह के सामने खड़े होकर उन्होंने अपनी गीतों में उसे याद करते हुए होनी को सच बताया। उन्होंने बताया कि मौत तय है लेकिन इसका कोई समय तय नही है। मौत तो सबको आनी है, लेकिन कैसे कब और कहा आएगी ये तय नही है।
दोस्त- बोले हमेशा हमारी यादों में रहेंगी मोनिका
सिंगर मोनिका के दोस्त अब खुद को अकेला महसूस करने लगे है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मोनिका की आवाज हमेशा उनके कानों में सुनाई देगी और वो हमारे बीच रहेंगी। उन्होंने बताया कि मोनिका उनके बीच नहीं है। इसका अहसास उन्हें इस तरह से तोड़ रहा है जैसे मानो उनके जीवन का आधार ही खत्म हो गया है। उनकी सुमधुर आवाज सुनकर उनके आंसू नहीं रूक रहे हैं। दोस्तों ने कहा कि मोनिका एक उभरती हुई सिंगर थी।
अपनी प्रतिभा क्षमता और जादुई आवाज से कई सुप्रसिद्ध गीत गाए। मोनिका के कई गाने बाजार में हिट हुए। मोनिका के कई गाने रिलीज होने वाले हैं, जिसे उन्होंने आवाज दी थी। उन गीतों को भले ही लोग सुनेंगे, लेकिन मोनिका अब अपने गाए हुए गीतों को नहीं सुन पाएगी। मोनिका के साथी प्रशांत ठाकुर और प्रियंका शुक्ला ने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं हो रहा है कि मोनिका उन्हें इस तरह छोड़कर चली जाएगी।
मुंबई जाना चाहती थी मोनिका पर गरीबी बना रोड़ा
मोनिका खुरसैल ने कई छत्तीसगढ़ी गानों में आवाज दी हैं। उनके पिता प्रमोद बताते हैं कि मोनिका संगीत की दुनिया में आगे बढ़ना चाहती थी और उसके मुंबई जाकर गाने की इच्छा थी। लेकिन, परिवार की गरीबी और पैसे के अभाव में पिता उसे नहीं भेज सके।
रायपुर, बिलासपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में मोनिका के स्टेज शो हुए। सोशल मीडिया पर कई लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी एक्टर्स के साथ इनके कोलैब वीडियो हैं। मगर जब जिंदगी मुश्किल में थी तो साथ देने वाला कोई नहीं था। मोनिका ने अरपा पैरी धार, मेरी खुशी, होली के गीत डारन, बाबा साहेब जैसे कई सुप्रसिद्ध गीतों में अपनी आवाज दी है।
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