‘फेक न्यूज़’ पर अफसरों की चुप्पी: महीनो बाद भी जानकारी नहीं दे पा रहे जिम्मेदार, साइबर सेल को जाँच का जिम्मा।

0 सूचना के अधिकार से मांगे दस्तावेज और जानकारी, महीनो बाद भी नहीं दे पाए अफसर।
0 विभागीय गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा रोकने की बजाये, समाचारो को रोकने की कोशिश।
रायपुर 18 नवंबर 2022.   महिला बाल विकास विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितताओं को उजागर करने वाली स्वतंत्र बोल की समाचारो को छत्तीसगढ़ फेक न्यूज़ मॉनिटरिंग सेल ने “फेक न्यूज़” घोषित किया था, जिसकी जाँच शुरू हो गई है। आईजी बद्रीनारायण मीणा ने साइबर सेल को जाँच का जिम्मा सौपा है।
स्वतंत्र बोल ने जिम्मेदारीपूर्वक महिला बाल विकास विभाग में हुई गड़बड़ी और संचालक और उपसंचालक द्वारा पद के दुरूपयोग से संबंधित समाचारो को निर्भीकता से प्रकाशित किया था, जिससे बौखलाए अफसरों ने पहले क़ानूनी कार्यवाही की चेतावनी संबंधी लीगल नोटिस भेजा.. उसके बाद भी विभाग में जारी अनियमितता की खबरे सार्वजिनक होती रही। 28 अगस्त को एक साथ आठ खबरों को फेंक न्यूज़ घोषित कर दिया गया था, ये सभी चुनिंदा खबरे जनवरी 2022 से अगस्त 2022 के मध्य छह महीने में प्रकाशित हुई थी। खबरों को फेंक न्यूज़ घोषित करने के पूर्व छत्तीसगढ़ फेक न्यूज़ मॉनिटरिंग सेल ने स्वतंत्र बोल को न कोई जानकारी दी ना ही कोई पत्राचार किया।

खबर का असर: शासन ने निरस्त की कुलसचिव की नियुक्ति, निर्धारित योग्यता नहीं.. स्वतंत्र बोल ने उठाया था मुद्दा

तमाशबीन अफसर, नहीं दे रहे जानकारी-
छत्तीसगढ़ फेक न्यूज़ मॉनिटरिंग सेल द्वारा खबरों को फेंक न्यूज़ घोषित करने की जानकारी और संबंधित दस्तावेज सूचना के अधिकार से मांगा गया तो संबंधित अधिकारी दो महीने बाद भी चाही गई जानकारी नहीं दे पा रहे है। जिम्मेदार अफसरो ने इस पुरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट फेक न्यूज़ मॉनिटरिंग सेल के सदस्य सचिव का महिला बाल विकास विभाग के संचालक और उपसंचालक से रिश्तेदारी बताई जाती है, संभवतः जिसके चलते ही उक्त समाचारो को बिना किसी जाँच पड़ताल के फेंक न्यूज़ घोषित किया गया है। जिसकी शिकायत पूर्व में जनसंपर्क आयुक्त दीपांशु काबरा और अब अध्यक्ष भारतीय प्रेस परिषद् एवं मुख्य सचिव से की गई है।
साइबर सेल ने शुरू की जाँच-
स्वतंत्र बोल प्रबंधन ने इस पुरे मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए छत्तीसगढ़ फेक न्यूज़ मॉनिटरिंग सेल के पदेन अध्यक्ष और रायपुर आईजी बद्रीनारायण मीणा को अभ्यावेदन दिया था। जिस पर आईजी ने जाँच का जिम्मा साइबर सेल को दिया है। साइबर सेल स्वतंत्र बोल प्रबंधन से उक्त शिकायत खबरों के संबंध में बयान दर्ज किया है। साइबर सेल प्रमुख गिरीश तिवारी के अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट फेक न्यूज़ मॉनिटरिंग सेल के सदस्य सचिव उमेश मिश्रा को पत्र लिख जानकारी मांगा है।

 

गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की खुली कलई तो न्यूज़ को बताया फेक ?

 

error: Content is protected !!