रायपुर 11 नवंबर 2022. बालिका गृह में नाबालिक से हुए दुष्कर्म मामले में महिला बाल विकास सचिव ने अधिकारियो से रिपोर्ट माँगा है। एक बड़े शहर में संचालित बालिका गृह में नाबालिक के साथ दुष्कर्म की घटना को विभागीय अफसरो ने दबाये रखा।
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दुष्कर्म पीड़ित नाबालिक ने मृत बच्चे को जन्म दिया, हद तो तब हो गई जब विभागीय अफसरो ने डीएनए रिपोर्ट को दबा दिया, जिससे यह नहीं पता चल पा रहा कि उक्त बच्चे का जैविक पिता कौन है। इस मामले में विभागीय मंत्री विपक्ष के निशाने पर है, मुर्दाबाद की नारेबाजी के साथ बीजेपी ने मंत्री का इस्तीफा मांगा है। इस प्रकरण ने संचालनालय में पदस्थ अफसरों के जिम्मेदारी की पोल खोल दी। अब सचिव भुवनेश यादव ने अफसरों से रिपोर्ट मांगा है।
जाँच करने पहुंची अफसरों की टीम-
विभागीय सचिव द्वारा रिपोर्ट तलब करने पर विशेष सचिव पोषण चंद्राकर, संयुक्त संचालक राजेश सिंघी, डीपीओ निशा मिश्रा, डीडब्लूसीडीओ शैल ठाकुर बीते दिनों ने जाँच करने संबंधित बालिका गृह पहुंचे। वहां उन्हें कुछ चौकाने वाली जानकारी मिली। जिस संस्था में उक्त घटना हुई वहां वर्तमान में 200 से अधिक लड़किया निवासरत है जिनमे अधिकांश की उम्र 12 से 17 साल के बीच है। अफसरों की टीम ने बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था, वार्डन, सहित अन्य बारीकी जानकारी ली। वही जिस संस्था द्वारा बालिका गृह का संचालन किया जा रहा उस पर कार्यवाही करने पूर्व सचिव ने लिखा था, पर उस पर अमल नहीं हो सका।
उधर सचिव ने बालिका गृह संचालित करने वाली संस्था के जिम्मेदार को फटकार लगाने भी लगाया है।
