रूस-यूक्रेन 28 नवम्बर 2022: रूस-यूक्रेन जंग खतरनाक मोड़ ले चुकी है। रूसी सेना अब बिना मुरव्वत अटैक कर रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक रूस ने किया है। इसमें करीब यूक्रेन के 100 विदेशी सैनिकों को मार गिराया। यूक्रेन की सेना की तरफ़ से लड़ाई कर रहे ये विदेशी सैनिक एक स्थान पर जुटे थे और रुस ने उस जगह पर टार्गेट करके भीषण हमला किया। फरवरी में जब युद्ध शुरू हुआ था उसके बाद ये पहली बार इतने संख्या में विदेशी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है।
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इसी साल फरवरी में रूस ने यूक्रेन पर अटैक किया था। तभी से युद्ध लगातार चला आ रहा है। बीच में कुछ महीनों की शांति के बाद जब क्रीमिया ब्रिज पर हमला हुआ तो रूस बौखला गया। इसके बाद से ही रूस लगातार ड्रोन और मिसाइल अटैक से यहां पर तबाही मचा रहा है। रूस ने डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (DPR) इलाके पर घात लगाकर हमला किया। जिसमें 100 विदेशी सैनिकों की मौत हो गई. ये यूक्रेन के लिए लड़ रहे थे. बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी तादाद में पहले कभी सैनिकों की मौत नहीं हुई। ये हमला टारगेट करके किया गया।
पूरी रात रूस करता रहा हमला
यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में रातभर रूसी सैन्यबलों की गोलाबारी होती रही जबकि यूक्रेनी अधिकारी बिजली, पानी की आपूर्ति एवं उष्मा संबंधी सेवाओं की बहाली के प्रयास में जुटे रहे। यूक्रेन में तापमान 0 डिग्री तक पहुंच गया है मगर ज्यादातर इलाकों में बिजली न होने के कारण लोग ठंड से भी ठिठुर रहे हैं। विश्लेषकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव में रविवार को भी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान लगाया है और कहा है कि भयंकर सर्दी का लड़ाई की दिशा और दशा पर असर पड़ सकता है। रूस के इस वर्ष फरवरी में यूक्रेन पर धावा बोलने के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है।
भारी बारिश और भीषण ठंड
विशेषज्ञों ने कहा कि फिलहाल दोनों ही पक्ष भारी बारिश तथा उसके फलस्वरूप कुछ क्षेत्रों में कीचड़ हो जाने के कारण बहुत परेशान हैं। पिछले दो हफ्तों में कम से कम दो बार रूस के भीषण तोप हमलों के बाद यूक्रेन में अवसंरचना टीम अहम बुनियादी सेवाओं की बहाली के लिए दिन-रात जुटी हैं, क्योंकि कई यूक्रेनवासियों ने कहा था कि उनके पास दिन में महज कुछ घंटे के लिए ही बिजली की सुविधा है।
बिजली कमी से जूझ रहा है यूक्रेन
सरकारी बिजली ग्रिड संचालक यूक्रेनेर्गो ने रविवार को कहा कि विद्युत उत्पादक अब करीब 80 फीसद मांग की पूर्ति कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि इसमें शनिवार की तुलना में सुधार है। यूक्रेन के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे थिंक टैंक द इंस्टीट्यूट फॉर स्टडी ऑफ वार ने कहा है कि दोनों ही पक्षों ने संकेत दिया है कि भारी बारिश एवं कीचड़ से उनपर असर पड़ा है, लेकिन आने वाले दिनों में हाड़ कंपानी वाली सर्दी की और भूमिका हो सकती है।
