2025 में RSS के स्थापना के 100 साल होंगे पूरे: अगले 1 वर्षो में 1 लाख स्थानों तक पहुंचेगा आरएसएस, कोरोना संक्रमण काल में भी नहीं रुका संघ कार्य..

रायपुर 17 मार्च 2023.  राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक विगत दिनों सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र पट्टीकल्‍याणा समालखा (पानीपत, हरियाणा) में संपन्‍न हुआ। बैठक के संदर्भ में प्रांत संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने बताया कि इस बैठक में देशभर से 34 संगठनों के 1474 प्रतिनिधियों लिया था। वर्ष 2025 में संघ अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। वर्तमान में संघ 71355 स्थानों पर प्रत्यक्ष तौर पर कार्य कर समाज परिर्वतन के महत्वपूर्ण कार्य में अपनी भूमिका निर्वाह कर रहा है.. अगले एक वर्ष तक एक लाख स्थानों तक पहुंचना संघ का लक्ष्य है। आज संघ के प्रति लोगों की रुचि बढ़ रही है। देशभर में लोग संघ को ढूंढते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संघ के साथ जुड़ने के लिए निवेदन कर रहे हैं। वर्ष 2017 से 2022 तक ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से संघ के पास देशभर से 7,25,000 निवेदन आए हैं। इनमें से अधिकांश 20 से 35 आयु वर्ग के युवक हैं, जो समाज सेवा के लिए संघ से जुड़ना चाहते हैं। दैनिक शाखाओं में भी युवाओं की रुचि बढ़ रही है। संघ की 60 प्रतिशत शाखाएं विद्यार्थी शाखाएं हैं।”

संघ कार्य कोरोना संक्रमण के भयावह काल में भी नहीं रुका। वर्ष 2020 में 38913 स्थानों पर 62491 शाखा, 20303 स्थानों पर साप्ताहिक मिलन व 8732 स्थानों पर मासिक मंडली चल रही थीं, जो वर्ष 2023 में बढक़र 42613 स्थानों पर 68651 शाखाएं, 26877 स्थानों पर साप्ताहिक मिलन तथा 10412 स्थानों पर मासिक मंडली तक पहुंच गई है। संघ दृष्टि से देशभर में 911 जिले हैं, जिनमें से 901 जिलों में संघ का प्रत्यक्ष कार्य चलता है। 6663 खंडों में से 88 प्रतिशत खंडों में, 59326 मंडलों में से 26498 मंडलों में संघ की प्रत्यक्ष शाखाएं लगती हैं। शताब्दी वर्ष में संघ कार्य को बढ़ाने के लिए संघ के नियमित प्रचारकों व विस्तारकों के अतिरिक्त 1300 कार्यकर्ता दो वर्ष के लिए शताब्दी विस्तारक निकले हैं।”

छत्तीसगढ़ में शाखाये-
छत्तीसगढ़ में संघ की 1142 शाखाएँ व साप्ताहिक मिलन 515 चल रहे हैं। मई माह में शुरू होने वाले संघ के औपचारिक प्रशिक्षण संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष में 500, द्वितीय वर्ष में 100 व तृतीय वर्ष में 20 शिक्षार्थी भाग लेने का अनुमान है। विगत वर्ष 2022 में प्राथमिक शिक्षा वर्ग कुल 34 स्थानों पर सम्पन्न हुआ जिसमें कुल 3192 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। पिछले एक वर्ष में 121137 युवाओं ने संघ का प्राथमिक शिक्षण प्राप्त किया है। आगामी वर्ष की योजना में देशभर में संघ शिक्षण के 109 शिक्षण वर्ग लगेंगे, जिसमें लगभग 20 हजार स्वयंसेवकों के शिक्षण प्राप्त करने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ में कार्यकर्ता प्रशिक्षण एवं गुणवत्‍ता विकास वर्गों के माध्यम से नए कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ रही है। संघ के स्वयंसेवकों द्वारा गतिविधियों के माध्यम से कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण तथा नागरिक कर्तव्यबोध इन विषयों पर योजनाबद्ध रूप से कार्य हो रहा है। क्षेत्र का सामाजिक अध्ययन शाखाओं के द्वारा हो रहा है। रायपुर महानगर में सेवाकार्य हेतु 83 सेवाबस्ती चिन्हित कर उनसे से 32 सेवाबस्ती में सेवाकार्य प्रारम्भ हुए हैं। प्रान्त के अन्य 33 जिलों में सेवाकार्य हेतु 147 सेवाबस्ती चिन्हित कर उनमें से 125 सेवाबस्ती में सेवाकार्य प्रारम्भ हुए हैं। इन सेवाबस्तियों में संघ स्वयंसेवकों के सम्पर्क माध्यम से व समाज के सहयोग से अभावग्रस्त लोगों के बीच सेवा कार्य संचालित किया जा रहा है।

रोजगार सृजन केंद्रों की स्थापना-
संघ स्‍वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत युवाओ को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए 22 जिलों में जिला रोजगार सृजन केंद्रों का शुभारंभ किया गया है जिसमें 426 वॉलिंटियर्स जुड़े हैं। ये रोजगार सृजन केंद्र उद्यम एवं रोजगार के लिए मार्गदर्शन देने का कार्य कर रहे हैं। स्‍वयं सेवकों ने ऐसे मंदिर चिन्हित किए जहां लोगों का आना कम होता है। इन मंदिरों में प्रति मंगलवार और शनिवार को आरती एवं हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ किया गया। महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के बीच कार्य बढ़ाने एवं प्रत्‍येक इकाई में टोली खड़ी करने के उद्देश्‍य से प्रांत स्‍तर पर विद्यार्थियों का ‘सृजन शिविर’ भी आयोजित हुए हैं।

 

छत्तीसगढ़ प्रवास में राममाधव: साहित्य परब और आरएसएस के कार्यक्रमों में होंगे शामिल।

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