रायपुर 06 जुलाई 2022. कोरोना संक्रमणकाल में स्कूली बच्चो को मिलने वाले सूखा राशन में जिम्मेदारों ने डंडी मार दी है, आलम ऐसा है कि सूखा राशन सिर्फ कागजो में बांटा गया है। मामला राजधानी के धरसींवा ब्लॉक का है जहा साल 2020-21 में कोरोना संक्रमणकाल में बंद स्कूलों में कुल 40 दिन बच्चो को सूखा राशन बांटा गया जिसमे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। बताते है कि खंड शिक्षा विभाग के अधिकारियो ने अधिकांश राशन कागजो में बाँट दिया और राशि हजम कर गए।
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दस्तावेजों के अनुसार धरसींवा ब्लॉक में साल 2021 में 267 प्राथमिक स्कूल और 171 मिडिल स्कूल संचालित थे जिसमे कुल 70406 बच्चे अध्ययनरत थे। जिन्हे 40 दिनो तक सूखा राशन वितरण किया जिसके लिए शासन ने लगभग 17769693 रुपये भुगतान किया, जबकि वास्तविकता इसके उलट है। अधिकांश सूखा राशन बच्चो के बजाये कागजो में वितरण हुआ है।
कोरोना संक्रमणकाल में स्कूली छात्रों को शासन ने मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत सूखा राशन बांटने का निर्देशित किया, ताकि बच्चे स्वस्थ्य और सुपोषित रहे। खंड शिक्षा अधिकारी संजय पुरी गोस्वामी ने स्वतंत्र बोल को बताया कि
“सभी स्कूलों के बच्चो सूखा राशन बांटा गया, कही कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.. स्कूलों और बच्चो से आप पता कर लीजिये।“
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