‘भूमिगत’ बिल्डर और परिवार को कोर्ट से राहत, पुलिस की कड़ी कार्यवाही पर रोक…

रायपुर/बिलासपुर 16 नवंबर 2022.  श्री कृष्ण वाटिका डेवलपर्स रियल स्टेट कंपनी के गायब संचालक और उसके परिजनों को कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने भूमिगत संचालक राजेश आहूजा और उनके परिजनों को शर्तो के साथ राहत दी है। पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के बाद से आहूजा दंपति भूमिगत थे, जिसे 15 नवंबर को उच्च न्यायालय ने राहत दी है।
राजेश आहूजा, सौम्या आहूजा, विकास आहूजा और रमेश आहूजा ने उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक सीआरएमपी 1867/2022 दायर कर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही से राहत माँगा था। ऐसे में कोर्ट ने शर्तो के साथ आहूजा परिवार को राहत दिया है। कोर्ट ने एफआईआर क्रमांक 582/2022 में अभियुक्त राजेश आहूजा और अन्य पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही अंतरिम रोक लगाते हुए पुलिस को आगामी 60 दिनों तक कोई भी कठोर कार्यवाही ना करने का आदेश दिया है।
भूमिगत थे आरोपित-
एफआईआर के बाद से आरोपित राजेश आहूजा, सौम्या आहूजा, विकास आहूजा और रमेश आहूजा भूमिगत थे, बीते दिनों पुलिस उनके शंकर स्थित निवास भी पहुंची थी पर वहा तालाबंद था। कोर्ट से राहत मिलने के बाद आहूजा परिवार जल्द ही पुलिस को बयान देने जा सकते है। विवेचक विनोद कश्यप ने कोर्ट द्वारा राहत मिलने की पुष्टि की है।

 

श्रीकृष्णा वाटिका फर्जीवाड़ा केस: घर में तालाबंदी कर राजेश सौम्या आहूजा परिवार सहित गायब, बैंक प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध.. पखवाड़े भर बाद भी नहीं दे पाए दस्तावेज

error: Content is protected !!