रायपुर 24 मई 2022. राज्य सरकार ने देर शाम पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ गिरिशकांत पाण्डेय का हटाकर उनके मूल विभाग मे भेज दिया है। डॉ. पांडेय साल 2019 से प्रतिनिुयक्ति थे, वे साइंस कॉलेज मे प्रोफेसर है। डॉ पांडेय पर भ्रष्टाचार और गडबडीयो को लेकर बीते कुछ समय से मीडिया की सुर्खियों में थे। उन पर स्मार्ट बोर्ड खरीदी मे गडबडी करने, उच्च शिक्षा विभाग के अनुमति बिना आवासीय भूखंड खरीदने, भ्रष्टाचार से धन अर्जित करने के गंभीर आरोप थे। जिसकी शिकायतो पर जांच उच्च शिक्षा विभाग मे चल रही है।
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डॉ पांडेय का कार्यकाल विवादित रहा, उनके ही कार्यकाल मे रविशंकर विश्वविद्यालय की संपत्ति कुर्क होने की नौबत आ गई, कुलपति की गाडी जब्त हो गई। स्थिति ऐसी हो गई थी कि सरकारी गाड़ियों को छिपाकर रखना पड़ा था। उन्होंने शासन को सही जानकारियों से अवगत नही कराया और स्थिति बिगड़ती चली गई।विश्वविद्यालयीन कर्मचारी लगातार धरना प्रदर्शन पर करते रहे और विश्वविद्यालय रिसर्च की बजाये कामर्शियल कार्यो मे अव्वल रहा। बीते दिनों में हुई फजीहत ने 58 साल पुराने विश्वविद्यालय की छवि धूमिल कर दी। ऐसे मे शासन ने उन्हे हटाकर एक मैसेज भी दिया है।
रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अभी बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है, अनुसुचित जाति-अजजाति कर्मचारी संगठन उपकुलसचिव शैलेन्द्र पटेल के खिलाफ विगत डेढ महिने से क्रमिक भुख हडताल पर है। उनकी उपकुलसचिव नियुक्ति को लेकर जाँच प्रक्रियाधीन है, ऐसे मे पटेल पर भी कार्यवाही हो सकती है। कर्मचारी संगठन 17 मई से काम बंद-कलम बंद हडताल मे है। कुर्की की कार्यवाही पर फौरी राहत मिली है पर स्थाई समाधान नही हुआ है। ऐसे मे शासन को विश्वविद्यालय मे किसी सिनियर और जानकार व्यक्ति को कुलसचिव की जिम्मेदारी सौपनी चाहिये।
