नई दिल्ली 30 सितम्बर 2022: कांग्रेस संगठन चुनाव को लिए पार्टी में गहमागहमी जारी है। लगातार बदलते कलेवर और किरकिरी से पार्टी संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्त्ता चिंतित है। कांग्रेस अध्यक्ष गाँधी परिवार के लिए बेहद अहम् है, 20 सालो बाद गाँधी परिवार से अध्यक्ष नहीं बन रहा। इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनावों में गांधी परिवार का इंट्रेस्ट नहीं है। जनता की धारणा के उलट प्रियंका गांधी वाड्रा इस चुनाव में बेहद दिलचस्पी ले रही हैं। राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष के पद से 2 बार लोकसभा में पार्टी को मिली करारी हार के बाद इस्तीफा दे दिया था, इस बार उन्होंने पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के लिए चुनाव को जरूरी बताया है। इतना ही नहीं राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को भी इस चुनाव से दूर रहने को कहा गया था।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रियंका गांधी संगठन चुनाव में बेहद बारीकी से नजर बनाये हुए है। वह चाहती हैं कि पार्टी की कमान किसी योग्य इंसान के हाथ में जाना चाहिए। राजस्थान में हुए सियासी बवाल के बाद अध्यक्ष के चुनाव में मुश्किलें पैदा हुई हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : सियासी घमासान के बीच आज सोनिया गांधी से मिल सकते हैं सीएम गहलोत
गहलोत को लेकर कांग्रेस बहुत ही सकारात्मक थी, वह गांधी परिवार के बेहद विश्वसनीय हैं। वह शशि थरूर को सबसे कड़ी टक्कर दे सकते थे। गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की और इस पूरे घटनाक्रम पर माफी मांगी और स्पष्ट किया कि वे अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे।
प्रियंका चाहती हैं पायलट को मिले कमान..
सूत्रों ने बताया कि प्रियंका गांधी चाहती थी कि राजस्थान में सचिन पायलट को कमान सौंपी जाए और गहलोत को केंद्र की राजनीति में लाया जाए। दो साल पहले जब राजस्थान में सचिन पायलट ने बागी सुर अपनाए थे, तब प्रियंका गांधी वाड्रा ने ही मध्यस्थता करके मामले को सुलझाया था। वह चाहती थीं कि सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाकर साल 2023 में होने वाले चुनाव में वह राजस्थान में पार्टी का नेतृत्व करें।
पार्टी में दो धड़े, एक राहुल तो एक प्रियंका के साथ
पार्टी में एक धड़ा अभी भी चाहता है कि राहुल गांधी ही पार्टी की कमान अपने हाथ में लें जबकि राहुल गांधी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह अध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्हें पार्टी के लिए फिर से जमीन खोजना है ,वह कांग्रेस की विचारधारा को लोगों तक फैलाने में लगे हैं। वहीं पार्टी में एक धड़ा ऐसा भी है जो चाहता है कि प्रियंका गांधी अध्यक्ष चुनाव में हिस्सा लें और पार्टी की कमान संभाले हालांकि अध्यक्ष चुनावों से गांधी परिवार ने पूरी तरह से किनारा किया है।
