रसूखदार फाइनेंस कंपनी संचालक पर पुलिस मेहरबान, शिकायतों पर कार्यवाही नहीं.. अब एसपी से शिकायत

रायपुर 11 मार्च 2022.  जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर करोडो के अवैध ट्रांजेक्शन करने संबंधी शिकायत पर पुलिस द्वारा रसूखदार फाइनेंस कंपनी संचालक पर कार्यवाही नहीं करने पर पीड़ित पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से किये शिकायत में कहा कि एमी फाइनेंस कंपनी संचालक अमन अग्रवाल ने उसके नाम पर जीएसटी नंबर लेकर उसमे करोडो का अवैध ट्रांजेक्शन किया, इसकी शिकायत पुलिस थाना टिकरापारा में किया पर पुलिस ने कार्यवाही नहीं की और धारा 155 अंतर्गत कोर्ट जाने की सलाह देकर चलता कर दिया।

दरअसल पूरा मामला टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ है, जिसमे फाइनेंस कंपनी संचालक ने पीड़ित के जीएसटी नंबर से करोडो का वारा न्यारा किया है और संचालक के रसूख के चलते पुलिस भी कार्यवाही से बच रही है। पेशे जिम ट्रेनर मोहन नायडू ने बताया कि एमी फाइनेंस के संचालक अमन अग्रवाल और उसके अकॉउंटेंट पियूष झाबक ने मिलकर उसके नाम पर जीएसटी रजिस्ट्रशन कराया और उससे करोडो का अवैध लेनदेन किया। चार महीनो ने दोनों ने करीब 8 करोड़ का लेनदेन किया है। नायडू, अमन अग्रवाल को जिम की ट्रेनिंग देने उसके घर सिग्नेचर होम्स जाता था।

इन फर्मो पर हुआ ट्रांजेक्शन-

शिकायत के अनुसार अमन अग्रवाल और पीयूष झाबक ने अग्रवाल सेल्स, जय जगदंबे इंजीनियरिंग एंड री-रोलर, मेसर्स अग्रवाल इंटरप्राइजेस, जय श्री री-रोलर सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा फर्मो में 8 करोड़ का लेनदेन किया है, जिसमे करीब 1 करोड़ 46 लाख रुपये टैक्स बकाया है। जीएसटी अफसरों के अनुसार ऐसा काम जीएसटी का जानकर पेशेवर ही करते है। अधिकारियो की माने तो फर्जीवाड़े करने वाले बोगस कंपनी बनाकर उससे लेनदेन करते है, ऐसे में इन कम्पनियो की जाँच के बाद ही वास्तविकता सामने आएगी।

 

फर्जीवाड़ा: लोन दिलाने माँगे पैन, बैंक डिटेल्स और आधार, फिर कराया जीएसटी रजिस्ट्रेशन.. उससे किया करोडो का अवैध लेन-देन,, थाने में शिकायत

 

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