बाल सरंक्षण विभाग के कर्मी ही बाल अपराधियों को पहुंचा रहे नशे का सामान, होमगार्ड सहित पांच पर एफआईआर।

‘स्वतंत्र बोल’
रायपुर 15 जुलाई 2023.  बाल संप्रेषण गृह में बंद बाल अपराधियों को बाल गृह में तैनात कर्मी ही नशे का सामान और मोबाइल उपलब्ध करा रहे है। मामला राजधानी के माना स्थित बाल संप्रेषण गृह का है जहा बंद बाल अपराधियों से नशे का सामान बरामद हुआ है, जिसके बाद पूरे कैंपस की जाँच करने पर नशे का सामान बरामद हुआ है। बाल गृह अधीक्षिका शिकायत पर माना पुलिस ने बाल गृह के प्रहरी सहित पांच पर अपराध पंजीबद्ध किया है।

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जानकारीनुसार माना के बाल गृह में अपराधी स्वाभाव के किशोरों को रखा जाता है, जहा सप्ताह भर पहले युवको में लड़ाई हुई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार बाल गृह की सुरक्षा में तैनात होमगार्ड ही युवको को बीड़ी सिगरेट,गुटखा और गांजा जैसे नशीले पदार्थ उपलब्ध करा रहा था, जिसके बदले में उसे पैसे मिलते थे। किशोरों को नशे का सामान सप्लाई करते होम गार्ड देवनाथ चंद्राकर सीसीटीवी में कैद हो गया। देवनाथ के साथ सुनील जायसवाल, योगेश निषाद और उसके सहयोगी पैसा लेकर युवको को नशे का सामान देते थे, अधीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है। होमगार्ड का जवान देवनाथ चंद्राकर गिरफ्तार किया गया है बाकी गायब है।
मोबाइल, चाकू और सिगरेट जब्त-
बाल सुधार गृह में नशे का सामान कुछ महीने पहले भी बरामद हुआ था, तब युवको से मोबाइल, सिगरेट, लाइटर और नशे का सामान जब्त हुआ था। बाल गृह में लगातार नशे का सामान और अन्य आपत्तिजनक वस्तुए मिल रही है। उस समय भी विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति किया था। इस पूरे रैकेट में बाल सुधार गृह में पदस्थ कर्मियों के साथ बाल सरंक्षण अधिकारियो के शामिल होने की चर्चा है।

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