घोटाले पर अफसरो की चुप्पी: कागजो में खरीदी और वितरण से करोडो का घोटाला, लीपापोती में जुटे अफसर.. सचिव भुवनेश यादव ने कहा-

रायपुर 27 सितंबर 2022.  समाज कल्याण विभाग में जारी अनियमितता पर संचालनालय में पदस्थ अफसरों ने चुप्पी साध ली है। करीब 100 करोड़ की गड़बड़ी पर जाँच का दावा करने वाले अफसर मौन हो गए है। विभाग में निराश्रित निधि में अधिकारियो ने बड़ा खेल किया है। उपसंचालक और संयुक्त संचालक स्तर के अफसरों ने गरीब, बेसहारा और दिव्यांगों का पैसा डकार गए। अफसरों ने कागजो में खरीदी और वितरण कर करोडो का झोल कर डाला, जिसकी शिकायत संचालक आईएएस रमेश शर्मा से सप्रमाण हुई थी। शिकायतों पर जाँच और कार्यवाही का दंभ भरने वाले अफसर मामले की लीपापोती में जुटे है। पूर्व की बीजेपी सरकार में निराश्रित निधि में करीब 100 करोड़ का घोटाल हुआ है। अधिकारियो ने डे बुक में लेनदेन कर करोडो रुपये एडवांस बाँट दिए। मामला खुलने पर जिम्मेदार लीपापोती में जुटे है। गड़बड़ी का मास्टरमाइंड एक संयुक्त संचालक को बताया जा रहा है।

EXCLUSIVE समाज कल्याण विभाग में 100 करोड़ का घोटाला, गरीबो और दिव्यांगों का पैसा खा गए अफसर.. कागजो में खरीदी और वितरण!

गड़बड़ी छिपाने में जुटे अफसर..

विभाग में करोडो की आर्थिक अनियमितता उजागर होने के बाद अधिकारी मामला दबाने में जुटे है। अफसरों का तर्क है कि ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई तो लोक लेखा समिति को जाएगी, जहाँ से कार्यवाही की जाएगी। जबकि मसला इसके उलट है, साल 2018 में वित्त  सचिव के विशेष निर्देश के बाद संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन ने ऑडिट की। जिसकी रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियो ने मनमाने तरीके से सरकारी धन का दोहन किया। बिना कैशबुक संधारित किये करोडो का लेनदेन किया, कागजो में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल ख़रीदे और बांटे। कोष लेखा पेंशन ने ऑडिट रिपोस्ट वित्त सचिव को उसी साल सबमिट कर दिया था। जिसके बाद वित्त विभाग ने सचिव समाज कल्याण को कार्यवाही के लिए पत्र लिखा था, जिस पर अब तक फाइल आगे नहीं बढ़ी है। उसके बाद से बीते दो वर्षो में कोष लेखा पेंशन और समाज कल्याण के बीच सिर्फ पत्राचार ही चल रहा है, जबकि सचिव समाज कल्याण को त्वरित कार्यवाही करना था।

संचालक की चुप्पी-
संचालक रमेश शर्मा
संचालक रमेश शर्मा

कुछ महीने पहले विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने वाले आईएएस रमेश शर्मा ने गड़बड़ियों पर जाँच व कार्यवाही का आश्वासन दिया था। सप्रमाण शिकायतों के संचालक ने चुप्पी साध ली है। बताते है कि गड़बड़ घोटालेबाज अफसर जाँच पड़ताल रोकने उच्चाधिकारियों को साधने में जुटे है, शायद संचालक की चुप्पी का ऐसा ही कुछ कारण हो। इस गंभीर मामले में जानकारी के लिए संचालक रमेश शर्मा को फ़ोन और मेसेज किया गया पर उनका जवाब नहीं आया।

मुझे जानकारी नहीं, दस्तावेज हो मुझे भिजवाए- सचिव

हजारो करोड़ की गड़बड़ी के आरोपों पर न्यायालयीन कार्यवाही का सामना कर रहे समाज कल्याण विभाग के अफसर गड़बड़ियों का रिकॉर्ड बनाने में जुटे है। विभाग में जारी करोडो की आर्थिक अनियमितता और घोटालो की सचिव को जानकारी नहीं है। पढ़ने सुनने में अचरज लगता हो पर अफसर ऐसे ही कहते है। करोडो की गड़बड़ी पर समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव ने कहा कि

“उक्त प्रकरण पुराना है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। इसके कुछ दस्तावेज हो तो मुझे भिजवाए फिर जानकारी लूंगा।”

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