रायपुर 16 मई 2022. परीक्षा के पहले प्रश्न पत्र लीक होने और संबंधीत पर समुचित कार्यवाही नहीं होने पर उच्च शिक्षा विभाग ने बस्तर विश्वविद्यालय के कुलसचिव को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर (बस्तर विश्वविद्यालय) में फरवरी में हुई एंथ्रोपोलॉजी विषय का पेपर लीक हुआ था जिसके पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जाँच समिति गठित कर पुलिस थाने में शिकायत किया था। मामले की शिकायत बस्तर के सांसद ने उच्च शिक्षा मंत्री से किया था। जानकारी अनुसार 3 फरवरी 2022 को एंथ्रोपोलॉजी विषय का परीक्षा था जो परीक्षा के दिन ही स्थानीय समाचार पत्रों में छप गया। पेपर लीक होने से विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया, आनन फानन में कुलपति एसके सिंह ने जाँच समिति गठित कर रिपोर्ट माँगा। समिति ने एंथ्रोपोलॉजी विषय के प्रोफ़ेसर डॉ स्वपन कुमार कोले दोषी पाया और कार्यवाही की अनुशंसा की। बताते है कि प्रोफ़ेसर स्वपन कुमार कोले ने हस्तलिखित प्रश्न पत्र कुछ छात्रों को दिया था जहा से वो सोशल मीडिया में वायरल हो गया और परीक्षा के दिन सुबह समाचार पत्रों में छप गया था।
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प्रोफ़ेसर पर खानापूर्ति कार्यवाही-
जाँच समिति ने प्रोफ़ेसर डॉ. कोले जिम्मेदार ठहराते हुए कार्यवाही की अनुशंसा की, ऐसे में प्रोफ़ेसर कोले को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित होना था पर कार्य परिषद् ने परीक्षा कार्यो में आजीवन प्रतिबंध लगाने का अनुशंसा किया। बताते है कि कुलपति डॉ एसके सिंह सस्पेंशन और डीई के खिलाफ थे ऐसे में डिबार कर खानापूर्ति की गई। बस्तर सांसद दीपक बैज की शिकायत और विश्वविद्यालय द्वारा समुचित कार्यवाही नहीं होने पर उच्च शिक्षा विभाग ने कुलसचिव विनोद पाठक को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। विभागीय जानकारी अनुसार संतोषजनक जवाब ना मिलने पर कुलसचिव पाठक पर अनुशासनात्मक कार्यवाही हो सकती है। कुलसचिव पाठक जाँच समिति ने शामिल थे।
पुलिस में शिकायत पर प्राथमिकी नहीं..
प्रश्न पत्र लिक होने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जगदलपुर सिटी कोतवाली में जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही करने पत्र लिखा था पर अब तक पुलिस की जाँच आगे नहीं बढ़ पाई है। प्रश्न पत्र लीक होने पर छात्र संगठनों ने प्रोफ़ेसर पर प्रश्न पत्र बेचने का आरोप लगाया है। नोटिस और कार्यवाही पर कुलसचिव विनोद पाठक ने कहा कि
“प्रोफ़ेसर पर कार्यवाही कार्य परिषद् के प्रस्ताव के अनुसार की गई, जाँच के लिए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी.. उच्च शिक्षा विभाग का पत्र नहीं मिला है।”
नोटिस के संबंध में कुलसचिव सच बताने से बच रहे है उन्हें पत्र मिल चुका है।
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