रायपुर 19 नवंबर 2022. प्रॉपर्टी कारोबारी राजेश आहूजा और उसके परिजनों द्वारा किये फर्जीवाड़े की कलई खुलने लगी है, जिसमे चौकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। राजेश आहूजा एंड कंपनी ने राजधानी के बैंक, फाइनेंस कंपनी, पार्टनर, खरीददार और पुलिस सबको चूना लगाया है। आहूजा ने फेक दस्तावेजों से एक ही जमीन को दो से तीन लोगो बेचा, साथ ही लोन में बंधक रख करोडो का लोन भी लिया और उन पैसो से मौज मस्ती की। पुलिस कार्यवाही का सामना कर रहे श्रीकृष्णा वाटिका डेवलपर्स कंपनी के साझेदार और प्रॉपर्टी कारोबारी राजेश आहूजा के फर्जीवाड़े की दर्जनों कहानी है। राजेश ने सुनियोजित तरीके से आम लोगो के साथ सबको चूना लगाया। लूट खसोट के इस खेल में राजेश आहूजा की पत्नी सौम्या आहूजा, भाई विकास आहूजा और पिता रमेश आहूजा भी शामिल है। इस फर्जीवाड़े की स्वतंत्र बोल ने पड़ताल की तो आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आया है।

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आईआईएफएल से लिया 1. 30 करोड़ का लोन-
शंकर नगर ने कविता नगर में रहने वाले राजेश आहूजा एंड कंपनी ने आईआईएफएल फाइनेंस कंपनी से 1 करोड़ 30 लाख का लोन लिया जिसके बदले में उन्होंने कोटा के पटवारी हल्का नंबर 107/51 में बने आधा दर्जन मकानों को अपना बताया। लोन की किश्ते जमा ना होने पर फाइनेंस कंपनी को धोखा होने की जानकारी हुई, तब कंपनी ने राजेश आहूजा, उनकी पत्नी, भाई और पिता पर 420 अंतर्गत प्राथमिकी कराया। आईआईएफएल कंपनी मोतीबाग चौक के अमित वर्मा ने बताया कि लोन के दौरान फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं हुई, बाद में राजेश द्वारा किया गया फर्जीवाड़ा सामने आया, तब प्रबंधन ने एफआईआर कराया है।
चोलामंडलम को लगाया चूना..

आहूजा कंपनी ने आईआईएफएल के बाद फाइनेंस कंपनी चोलामंडलम को भी चूना लगाया है। दस्तावेजों के अनुसार राजेश आहूजा ने कोटा की जमीनों को चोलामंडलम में बंधक रखा करीब 1 करोड़ रुपये का फाइनैंस कराया और गायब हो गए। कंपनी ने जानकारी जुटाई तो धोखाधड़ी सामने आया। कंपनी ने एफआईआर कराया तो राजेश आहूजा एंड कंपनी भूमिगत रहे, बाद में अग्रिम जमानत लेकर लौटे। मामला वर्तमान में पेंडिंग है।
मकान बनाकर देने लिया एडवांस
श्री कृष्णा वाटिका डेवलपर्स की 1 एकड़ जमीन को राजेश ने पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रख 90 लाख रुपये लोन लिया। पार्टनरशीप की प्रॉपर्टी को गिरवी रखने पर एफआईआर हुआ तो मामला खुला, पता चला की बैंक में राजेश आहूजा ने अपनी पत्नी सौम्या आहूजा को पार्टनर दिखा बैंक से लोन स्वीकृत कराया था। वही बैंक प्रबंधन ने भी बिना जाँच पड़ताल के लोन जारी कर दिया। उसी जमीन को राजेश आहूजा ने आधा दर्जन लोगो को घर बनाकर देने का अनुबंध कर उनसे लाखो रुपये एडवांस लिया है। ऐसे में आहूजा ने बैंक और उन खरीददारों के साथ भी फ्रॉड किया। जिस जमीन को 90 लाख रुपयों में बंधक बनाया गया उसकी बाजार कीमत करीब दस करोड़ रुपये है। बताते है कि राजेश आहूजा ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से परिचित होने और सत्तापक्ष के नेताओ से घरेलु संबंध होने का नाम लेकर भी कुछ दिनों तक अधिकारियो बेवकूफ बनाया, बाद में पोल खुलने पर भूमिगत हो गया था।
