एरियर्स घोटाले में कार्यवाही पर प्रबंधन की चुप्पी: वर्षो बाद शुरू हुई कार्यवाही ठंडे बस्ते में, रिकवरी के पक्ष में नहीं कुलपति और वित्त नियंत्रक ?

रायपुर 23 मार्च 2023.  करोडो रुपये के एरियर्स घोटाले की रिकवरी रुक गई है, विश्वविद्यालय प्रबंधन पूरे मामले को दबाने में जुटा हुआ है। इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में हुए करोडो रुपये के एरियर्स घोटाले में कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने नवंबर 2022 में रिकवरी संबंधी आदेश वित्त नियंत्रक को दिया था जिस पर कार्यवाही शुरू होते ही विश्वविद्यालय में हंगामा मच गया था। बताते है कि अब पूरी प्रक्रिया को ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया है। विश्वविद्यालय में नियमो के विपरीत वर्षो से एरियर्स में घोटाला किया गया, जिसकी जाँच हुई पर कार्यवाही नहीं हुई। अब एक बार फिर मामले को रफा दफा करने विश्वविद्यालय प्रबंधन जुटा हुआ है।

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विश्वविद्यालय में पूर्व में हुए वेतन भुगतान का निर्धारण गलत तरीके से किया गया था, जिससे अपात्र कर्मियों को भी लाखो रुपये जारी किया गया था। ऐसे कर्मियों की संख्या 50 से अधिक है जिन्हे लाखो रुपये का गलत भुगतान हुआ। लगभग 7 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान इन कर्मियों को जिम्मेदारों ने किया है।
कुलपति और नियंत्रक पर सवाल-
वेतन भुगतान में गड़बड़ी पर कुलपति डॉ. चंदेल ने वित्त नियंत्रक उमेश अग्रवाल को रिकवरी करने नवंबर 2022 में पत्र लिखा था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है.. जिससे वित्त नियंत्रक की कार्यशैली पर सवाल उठ रहा है। बताते है कि बीते दिनों वसूली की कार्यवाही शुरू होते ही विश्वविद्यालय में बवाल मच गया था, प्रभावित होने वाले कर्मियों ने कुलपति से मिलकर अप्रसन्नता जाहिर किया था। जिसके बाद कुलपति चंदेल ने वित्त नियंत्रक को पत्र लिख सीधे पत्राचार ना करने का समझाइश पत्र जारी किया था। सूत्रों की माने तो कुलपति और वित्त नियंत्रक वसूली के पक्ष में नहीं है, वे शासन को पूर्ववर्ती कुलपति और वित्त नियंत्रक की तरह चूना लगा निजी लाभ लेना चाहते है। वित्त नियंत्रक उमेश अग्रवाल ने कार्यवाही नहीं करने के सवाल पर कहा कि
“कार्यवाही जारी है.. फाइल अनुमोदन के लिए कुलपति जी को भेजा गया है, पर अभी तक लौटा नहीं है। कुलपति के आदेशानुसार कार्यवाही होगी, ज्यादा जानकारी कुलपति से मिल जाएगी।”

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