रायपुर 16 मार्च 2022. फाइनेंस कंपनी संचालक द्वारा जीएसटी नंबर लेकर उसमे करोडो का अवैध लेनदेन कर धोखाधड़ी की शिकायत पर सेन्ट्रल जीएसटी ने जाँच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियो ने शिकायतकर्ता और फाइनेंस कंपनी संचालक दोनों से पूछताछ की है।
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जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता मोहन नायडू से विभागीय अफसरों ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन से विगत पांच महीनो में हुए लेनदेन और डिटेल्स माँगा। नायडू से मिले इनपुट के बाद विभागीय अधिकारियो ने फाइनेंस कंपनी संचालक अमन अग्रवाल और उसके अकाउंटेंट पीयूष झाबक से पूछताछ की। विभागीय सूत्र बताते है कि पूछताछ में पीयूष ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन में अपना मोबाइल नंबर, कार्यालयीन पता और ईमेल आईडी रखना स्वीकार किया है। पीयूष ने अफसरों से कहा कि “मोहन नायडू द्वारा फ़ोन नहीं उठाने पर उसने अपना नंबर और डिटेल्स उपयोग किया।” बताते है कि अमन अग्रवाल ने लोन दिलाने दस्तावेज लेना स्वीकार किया है।
मोहन के जीएसटी में पीयूष का मोबाइल नंबर-
जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए पीड़ित द्वारा मोबाइल नंबर और जरुरी दस्तावेज लिया गया। संबंधितो ने जीएसटी वेरिफिकेशन अपने शंकर नगर के ऑफिस में कराया। जबकि नियमानुसार जीएसटी रजिस्ट्रेशन के पूर्व वेरिफिकेशन के लिए जीएसटी विभाग से टीम जाती है जो संबंधित के ऑफिस या दूकान संबंधी जानकारी लेने के बाद ही अप्रूवल करती है। इस मामले में जीएसटी टीम ने अमन अग्रवाल के शंकर नगर के ऑफिस में बैठकर ही नायडू से ओटीपी लेकर वेरिफिकेशन कर दिया। जो अब भी जीएसटी के सॉफ्टवेयर में दर्ज है, जिसे शिकायत के बाद नायडू ने चेंज करवाया है।
दर्जन भर कंपनियां जाँच की राडार में..
विभागीय अधिकारियो ने अमन अग्रवाल और उसके करीब दर्जन भर फर्मो की डिटेल्स तलाश रही है जिसमे मेसर्स अग्रवाल फ्युल्स, मेसर्स एमी फिटनेस, मेसर्स अग्रवाल इंटरप्राइज़ेश, मेसर्स एमी एक्वा, मेसर्स एमी फाइनेंस है। जाँच को लेकर विभागीय अफसर अतिरिक्त सावधानी बरत रहे है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अमन के रिश्तेदार, दोस्त और पार्टनर भी जाँच की राडार में है जिसमे इशांत, प्रेमलता, आयुष का नाम सामने आया है। विभागीय अफसरों के अनुसार जाँच आगे बढ़ने पर और भी कंपनी और उनके संचालको के नाम सामने आएंगे।
