अंदरूनी खबर
22 मार्च 2023.
कलेक्टर और प्रोटोकॉल…
बीते दिनों राजधानी में हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में कांग्रेस नेताओ के साथ दोनों पूर्व अध्यक्ष शामिल हुए थे, जिनका मुख्यमंत्री समेत सीनियर नेताओ ने एयरपोर्ट में भव्य स्वागत किया था। एयरपोर्ट में राजधानी कलेक्टर भी कांग्रेस नेताओ का हाथ जोड़कर वेलकम करते दिखे थे। वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। अब किसी ने आरटीआई के माध्यम से कलेक्टर द्वारा स्वागत करने पर प्रोटोकॉल की जानकारी मांगा है। इसमें कहा गया कि जिन नेताओ का कलेक्टर ने हाथ जोड़कर स्वागत किया वे किसी भी संवैधानिक पद में नहीं है, ऐसे में कलेक्टर किस प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे। देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का देश के भीतर और बाहर दौरा होने पर अधिकारियो को विशेष प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ता है। कपडे से लेकर जूते तक का ध्यान रखना होता है। पूर्व में कलेक्टर रहे अमित कटारिया को प्रधांनमंत्री नरेंद्र मोदी काला चश्मा पहनकर स्वागत करने बवाल मचा था। आरटीआई में अधिकारियो ने क्या जानकारी दी वह अभी सामने नहीं आई है पर आईएएस को कटारिया जैसी परिस्थिति का सामना ना करना पड़े यही कह सकते है।
नेता पुत्र और भतीजा-
सत्ताधारी पार्टी का कोई नेता या मंत्री हो तो घर और परिवार के बाकी सदस्य भी पावर में रहते है। दूर दराज के रिश्तेदार भी स्वयं को रसूखदार का संबंधी बता लाभ लेने में जुटे रहते है। ऐसे ही एक भतीजे की चर्चा राजधानी में है। भतीजा अपने रसूख का उपयोग थानों में बड़े और विवादस्पद मामले सुलझाने और मौज मस्ती में कर रहा है। राजधानी, दुर्ग, भिलाई के पुलिस थानों में जमीन और अन्य बड़े विवादस्पद मामलो को सुलझाने का जिम्मा लेता है, राजनीतिक दबाव से पुलिस के सब इंस्पेक्टर से लेकर बड़े अधिकारी परेशान है। राजधानी के अधिकांश पब, डिस्को और क्लबों को उसका सरंक्षण प्राप्त है, जिसके बदले में खाने पीने की चीजे कॉम्प्लीमेंट्री है और पॉकेट खर्च के लिए मोटी रकम अलग से। चार दिनों पहले एक क्लब में देर रात चलती पार्टी को पुलिस ने बंद करवा दिया तो भतीजे ने पहुंचकर चालू करवा दिया।
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