अंदरूनी खबर: राष्ट्रपति का राजधानी प्रवास..

अंदरूनी खबर
06 दिसंबर 2022.
राष्ट्रपति का राजधानी प्रवास..

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनवरी में राजधानी (छत्तीसगढ़) प्रवास पर आ सकती है। इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह जनवरी में होना है जिसके लिए तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, संभवतः 10 से 20 जनवरी के बीच हो। कार्यक्रम राष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में करने की तैयारी में विश्वविद्यालय प्रबंधन जुटा हुआ है। विश्वविद्यालय में इसे लेकर कई दौर की बैठके भी हो चुकी है और कुलपति दिल्ली का दौरा भी कर आये है। विश्वविद्यालय में साल 2015 के बाद से दीक्षांत का आयोजन नहीं हुआ है, ऐसे में करीब 7000 से अधिक छात्रों को दीक्षांत का विशेष इंतजार है। कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रपति भवन से अभी मंजूरी नहीं मिली है। उधर जनवरी में साइंस कॉलेज का 75 वर्ष पूर्ण होने पर हीरक जयंती का बड़ा आयोजन साइंस कॉलेज के पूर्व छात्रों और प्रबंधन द्वारा किया जायेगा, जिसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है। आयोजकों के अनुसार उक्त कार्यक्रम भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आतिथ्य में होगा, पर राष्ट्रपति कार्यालय से अभी मंजूरी मिलने का इंतजार है। दोनों ही बड़े कार्यक्रमों को देखते हुए राष्ट्रपति का राजधानी आना तय माना जा रहा है पर उनके अगुवानी का मौका किसे मिलता है वो तो बाद में पता चलेगा।
ऊंची दुकान फीका पकवान..

दादा ब्रदर्स राजनांदगांव की प्रसिद्ध ट्रांसपोर्ट कंपनी है जिनकी गाड़ियां पुलिस लाइन सहित अन्य जगहों में दौड़ती है। जानकारी अनुसार इनके पास करीब 700 से अधिक गाड़ियां है जो राजधानी समेत आधा दर्जन जिलों, फैक्ट्रियो में चलती है। जैन बंधुओ द्वारा धर्म गुरु “दादा” के नाम पर शुरू किये गए ट्रांसपोर्ट कंपनी में संचालक ने चंद रुपयों के लालच में वो कर दिया जिसकी उम्मीद समाज के किसी को भी नहीं थी। दरअसल साल 2020 में हुए दंतेवाड़ा विधानसभा के उपचुनाव में इस कंपनी की गाड़िया अर्धसैनिक बलों को लाने ले जाने के लिए लगी। इसके लिए पुलिस लाइन एमटीओ ने बाकायदा पीओएल जारी किया। चुनाव बाद बिल जमा करने के दौरान संचालक राजेश बाफना में मन में लालच जागा और ज्यादा पैसा निकलवाने की जुगत में अनुमति से अधिक 15 गाड़ियों का अतिरिक्त बिल बना जमा कर दिया। इसके लिए उसने फर्जी पीओएल, पुलिस का रबर स्टैम्प बनाकर जमा कर दिया। इसमें राजेश को साढ़े 25 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान होना था, भुगतान के पूर्व दस्तावेजों के जाँच पड़ताल के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो एमटीओ के सब इंस्पेक्टर ने धोखाधड़ी, कूटरचना सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर करा दिया। पेशे से सीए राजेश को कुछ दिनों तक भूमिगत रहना पड़ा,  बाद में सब ठीक हो गया। अब बात आती है कि जिसकी 700 से अधिक गाड़िया बाजार में दौड़ रही, उसे फर्जीवाड़ा करने की जरुरत क्यों पड़ी या ऐसे ही करके गाड़ियों का कुनबा बढ़ाया है ?

 

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