रायपुर 18 अक्टूबर 2022. सरकार के एक विभाग मे अधिकारियो ने गड़बड़ियों को सार्वजनिक करने और अनियमितताओं को उच्चाधिकारियों के सज्ञान में लाने वालो से निपटाने का नायब रास्ता ढूंढा है। विभागीय अफसर शिकायतकर्ताओं के खिलाफ सुनियोजित तरीके अपने मातहतों और परिचितों से झूठी शिकायते करवा रहे है। अफसरों का मानना है कि ऐसा करने से होने वाली शिकायतों में लगाम लगेगा। बीते दिनों विभाग में एक सेवानिवृत अफसर की शिकायत हाल ही में सेवानिवृत हुए कर्मियों ने की। शिकायत पर महानदी के विभाग प्रमुख ने जाँच के निर्देश दिया। शिकायत की स्थिति जांची गई तो चौकानी वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि शिकायतकर्ताओं को पूर्व से तैयार शिकायती पत्र में दस्तखत करवाए गए और पत्र महानदी में भेज दिया गया। इस बात का खुलासा खुद शिकायतकर्ता ने किया कि उन्हें विभाग के उपसंचालक ने दस्तखत कराये तो उन्होंने दबाव में कर दिया। इसी विभाग में एक सीनियर अधिकारी को पदोन्नति से रोकने संचालनालय के अफसरों ने पुराना नुस्खा अपनाया और फिर दर्जन कर्मियों से पहले से ड्रॉफ्ट चिट्टी में दस्तखत करवाकर सचिव को दिया। शिकायत के संबंध में जानकारी मिली कि विभाग के संचालक, संयुक्त संचालक और उपसंचालको ने योजनाबद्ध तरीके से पूरा षड्यंत्र रचा, ताकि सीनियर अफसर को पदोन्नति से वंचित किया जा सके। शिकायतकर्ताओं में कुछ ऐसे भी है जो हाल ही में नौकरी में जुड़े है, अपने से 15 सीनियर अफसर के लिए लिखते है कि वे जब से विभाग में जुड़े है तब ऐसे ऐसे ही कर रहे है, अतः उन्हें पदोन्नत ना किया जाए।
दरअसल विभाग में रस्साकसी का दौर चल रहा है। भ्रष्ट अधिकारीयो ने सिंडिकेट रखा है, जिसके अनुसार विभाग को चला रहे है। अफसर अपने विरुद्ध ऐसे कोई भी बाते नहीं सुनना चाहते। लिखा पढ़ी करने वालो को ठिकाने लगाने तरह तरह का उपाय कर रहे है। इन अफसरों के क्रियाकलाप की जानकारी महानदी में बैठे सीनियर आईएएस को भी है पर मज़बूरी दिखा कर कंबल ओढ़कर घी पीने में लगे हुए है।