अंदरूनी खबर: IGKV में चल रही भर्राशाही से सीएम नाराज, उधर मुख्यमंत्री की नाराजगी से अधिकारी का पत्ता साफ़।

अंदरूनी खबर
23 दिसंबर 2022
सीएम नाराज-
इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में जारी भर्राशाही और गड़बड़ी की खबरे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंची है। विश्वविद्यालय में चल रही नियम विपरीत कार्यो पर मुख्यमंत्री नाराज बताये जाते है। विश्वविद्यालय में दस महीने पहले डॉ. गिरीश चंदेल को कुलपति नियुक्त किया गया था, जिसके बाद उम्मीदें थी कि विश्वविद्यालय के गरिमा अनुकूल काम किये जायेंगे। स्थानीय कुलपति होने से स्थितियों में सुधार होगा और भ्रष्टाचार का गढ़ बने विश्वविद्यालय में रिसर्च पर काम होगा। दस महीनो के बाद स्थिति वैसी ही नजर आ रही जैसी पूर्व कुलपति के समय दिखती थी। विश्वविद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर नजर आती है, तो गड़बड़ी की रफ़्तार बढ़ते क्रम पर है। इन गड़बड़ियों की जानकारी सीएम भूपेश बघेल तक पहुंची है। सुनते है कि कुलपति चयन में आरएसएस बैकग्राउंड के मौजूदा कुलपति पर राजभवन ने मुहर लगाया था। वही गड़बड़ियों का पुलिंदा दिल्ली दरबार और आईसीआर को भी भेजने की चर्चा है।
सीएम की नाराजगी से कटा पत्ता-
कुछ दिनों पहले भानुप्रतापुर विधानसभा में उपचुनाव हुआ। कांग्रेस ने दिवंगत नेता मनोज मंडावी की पत्नी और बीजेपी ने ब्रह्मानंद नेताम को उम्मीदवार बनाया था। सर्व आदिवासी समाज ने तीसरा उम्मीदवार पूर्व आईजी कोर्राम को खड़ा किया। चुनाव निपटा और परिणाम सत्तासीन कांग्रेस के पक्ष में आया, पर इसका असर कुछ सरकारी कर्मियों पर पड़ा है। एक मलाईदार कुर्सी पर बैठे अधिकारी को चुनाव परिणाम के बाद हटा दिया गया। बताया गया कि अधिकारी तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार को फाइनेंसियल सपोर्ट कर रहे थे। शिकायत कितना सही था यह नहीं पता पर जानकारी सीएम भूपेश बघेल तक पहुंची तो बिना देर किये मलाईदार कुर्सी से हटाने का आदेश हो गया। सीएम के रुख को देखते हुए विभागीय मंत्री भी अपने प्रिय अफसर को बचा न सके।

 

अंदरूनी खबर: कुलपति चयन में लोकल की बयार, उधर भविष्य के लिए बन रही योजना।

 

 

error: Content is protected !!