अंदरूनी खबर
20 अक्टूबर 2022. राज्य सरकार ने प्रदेश में जुआ और ऑनलाइन सट्टा (महादेव) पर रोक लगाने फरमान जारी किया। सरकार युवाओ के भविष्य को चिंतित है कि युवा ऑनलाइन के खेल से जुड़कर अपने और परिवार का नुकसान कर रहे है। जुआ खेलना और खिलाना दोनों ही अपराध है, साथ अन्य अपराधों को जन्म देता है। मुखिया जी ने प्रदेश के सभी जिलों के कप्तानों को कड़ी कार्यवाही का आदेशित किया। आदेशों की तामीली करते हुए पुलिस ने ढूंढ- ढूंढकर सटोरियों पर कार्यवाही की। होटलो, गली, खोमचे, अहाता में चलाने वाले सटोरियों को पकड़ा। पुलिस ने प्रदेश के बाहर पडोसी राज्यों से दर्जनों युवको को उठाया। सबसे ज्यादा गिरफ्तारी गृहमंत्री के गृह जिले दुर्ग में हुई। सट्टा संचालक भी दुर्ग भिलाई से निकले है, उन्होंने छत्तीसगढ़ के साथ देश भर में तगड़ा नेटवर्क सेट कर लिया है। कार्यवाही के चलते रोज अखबारों की सुर्खियां बनी, जिससे सट्टा संचालक और एप का फ्री में प्रचार हुआ। जो पहले इससे अनभिज्ञ थे वे भी अब जानने लगे। जो प्रचार करोडो खर्च के बाद भी नहीं होता वो घर बैठे हो गया। मतलब बिन खर्चा, फूल चर्चा.. पुलिस ने शुरुआत दिनों में धड़ल्ले से छापेमारी कर कार्यवाही की।
कार्यवाही के बाद अन्य तरीको से संचालित होने वाले सट्टा भी बंद हो गया। राजधानी में सट्टा लगभग बंद हो गया है और चलाने वाले भूमिगत। इससे शासन की छवि में सुधार हुआ पर इसके बंद होने से कुछ खाकी वर्दीधारी निराश है। दरअसल ऐसे समाजकंटको द्वारा संबंधित क्षेत्र के थाना पुलिस का हर छोटे बड़े कामो के लिए सहयोग किया जाता है, थानों में होने वाली बेगारी का जिम्मा ऐसे लोगो के हिस्से आता है जो लाखो में होता है। नीचे से लेकर ऊपर सबको साध कर चलते थे, अब अचानक सब बंद होने से मुफलिसी का दौर शुरू हो गया है। स्थिति ऐसी है कि सबसे बड़े त्योंहार में जेब खाली है, सबको को परिवार के सदस्यों के लिए कपडे, मिठाई और अधिकारियो के तोहफे के लिए चिंता सत्ता रही है। इस पूरे वाकये को लेकर अनेको चर्चाये है, सुनते है कि सट्टा एप के संचालक ने कैबिनेट के सदस्य के पुत्र को जगुआर महीनो पहले गिफ्ट किया है।
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