स्वतंत्र बोल
रायपुर 08 मार्च 2024. महिला बाल विकास विभाग के दो कर्मियों के बीच उपजे विवाद से पुरे महिला बाल विकास विभाग में बवाल मचा हुआ है। परियोजना अधिकारियो के प्रतिनिधि मंडल में विभागीय मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े से मुख्यालय में पदस्थ अफसरों की शिकायत की है तो मुख्यालय में जमे अफसरो ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दिया है, जिसके बाद विभाग में शीत युद्ध के हालात है।
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दरअसल विभाग के परियोजना अधिकारी अधिकारी अमित सिन्हा और सहायक संचालक सलमान अंसारी के बीच किसी बात को लेकर फ़ोन में कहा सुनी हुई। अगले दिन सिन्हा किसी काम से मुख्यालय पहुंचा तो अंसारी से सामना हुआ और विवाद बढ़कर गाली गलौच तक जा पहुंची। ऐसी में सीनियर अफसरों ने विवाद को सुलझाने की बजाये आग में घी डालने का काम किया और कार्यालय में तालाबंदी कर काम रोक हाथो में तख्तियां लेकर प्रदर्शन करने लगे। इससे माहौल और बिगड़ा, प्रदर्शनकारी कर्मियों ने किसी भी कर्मचारी को उनके टेबल में जाने से रोका और काम रोकवा दिया। हंगामे की जानकारी जब सचिव और संचालक तक पहुंची तो प्रदर्शन बंद हुआ।
सीनियर अफसरो की गैरजिम्मेदारी-

मुख्यालय में चार उपसंचालक उतने ही संयुक्त संचालक स्तर पदस्थ है। विवाद की स्थिति में अफसरों ने मामले को सुलझाने की बजाये और तमशा देखते रहे। बताते है कि स्थापना प्रभारी उपसंचालक रामजतन कुशवाहा तो खुद हाथो में तखितयां लेकर परियोजना अधिकारियो की दादागिरी बंद कराने में जुटे रहे जबकि उन पर सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रदर्शन के पूर्व अधिकारियो ने ना तो विधिवत कोई सूचना दी थी ना ही अनुमति शासन स्तर पर लिया गया था। यह घटनाक्रम तब हुआ जब पूरा विभागीय अमला महतारी वंदन योजना अंतर्गत भुगतान की तैयारि यो में जुटा था।
अंसारी प्रोबेशन में-
परियोजना अधिकारी अमित सिन्हा विगत दस वर्षो से विभाग में पोस्टेड है तो सलमान अंसारी अभी प्रोबेशन है। रेंक में अंसारी सिन्हा के सीनियर है पर अनुभव में सिन्हा अंसारी से सीनियर है। प्रोबेशनर अधिकारी को आखिर संचालनालय में पदस्थ कर मुख्यालय बंद करवाने की हिम्मत कहा से मिली इसकी संचालक और सचिव को जाँच करानी चाहिए। उधर इस मामले के बाद अलग अलग जिलों के परियोजना अधिकारियो ने मंत्री को ज्ञापन सौपा है।
