पुरुषार्थ करोगे तो अवश्य सफलता मिलेगी
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स्वतंत्रबोल
रायपुर 02 अगस्त 2024: विवेकानंद नगर स्थित श्री संभवनाथ जैन मंदिर में जारी आत्मोल्लास चातुर्मास 2024 की प्रवचन माला में गुरुवार को रायपुर के कुलदीपक तपस्वी रत्न मुनिश्री प्रियदर्शी विजयजी म.सा. ने तप और आराधना का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जब श्रावक सामायिक करते हैं वह साधु के जैसे होते हैं,उनकी दिनचर्या भी साधु के जैसे होती है। आप जो भी कर रहे हैं उसमें बेहतर करिए तभी आपके अंदर विशेषज्ञता आएगी। जैसे आपका परमात्मा के साथ कनेक्शन अच्छा होना चाहिए,ठीक वैसे ही आपका गुरू के साथ भी कनेक्शन अच्छा होना चाहिए।
मुनिश्री ने कहा कि जैसा कनेक्शन हम हमारे गुरुओं के साथ रखते हैं वैसे ही आपका भी कनेक्शन आपके गुरुओं के साथ होना चाहिए। आप जो आराधना करते हैं,तप करते हैं उसमें गुरू की आज्ञा का पूर्णतः पालन करें,उसमें विकल्प नहीं होना चाहिए। तप कभी अपनी सुविधा के अनुरूप नहीं होता है,आपने तप का नियम लिया तो उसका पालन गुरू के मार्गदर्शन में नियम से करते रहे। आप किसी भी चीज के लिए पुरुषार्थ करोगे तो उसमें सफलता जरूर मिलती है।
