मानद उपाधि ना हुआ रेवड़ी हो गया, सबको बटेगा..! कार्यपरिषद सदस्य को मानद उपाधि से सम्मानित करेगा अटल बिहारी विश्वविद्यालय प्रबंधन

बिलासपुर 20 अप्रैल 2022.  अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का 21 अप्रैल को तीसरा दीक्षांत समारोह होगा। समारोह में राज्यपाल अनुसुइया उइके बतौर मुख्य अथिति शामिल होंगी। समारोह में उप राष्ट्रपति वैकैया नायडू के शामिल होने की चर्चाये थी पर अब उपराष्ट्रपति श्री नायडू शामिल नहीं होंगे। एक साथ आठ लोगो को मानद उपाधि से सम्मानित किया जायेगा। एक साथ बड़ी संख्या में मानद उपाधि देने को लेकर चौपाल चर्चा हो रही है।

विश्वविद्यालय द्वारा महाराष्ट्र कोल्हापुर के डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. पृथ्वीराज चौहान, गुजरात आनंद के एनएस पटेल ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट के कुलाधिपति भीखुभाई पटेल, रिटायर्ड प्रोफ़ेसर डॉ एनएच नथवाणी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर के कुलाधिपति अशोक मित्तर, साहित्यकार सतीश जायसवाल, पूर्व विधायक बोधराम कंवर और लोरमी के विधायक धरमजीत सिंह को मानद उपाधि से नवाजा जायेगा। धरमजीत सिंह विश्वविद्यालय के कार्य परिषद् के सदस्य भी है। ऐसे में उन्हें मानद उपाधि देने पर सवाल उठाये जा रहे है। दीक्षांत समारोह में 171 छात्रों को स्वर्ण पदक दिया जायेगा जिसमे 115 छात्राये है।

दीक्षांत समारोह को लेकर टेंडर नहीं किया गया है, जबकि इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की जानी थी। टेंडर न होने पर विश्वविद्यालय के जिम्मेदार समय की कमी बता रहे है जबकि दीक्षांत समारोह की तैयारी छह महीने पहले प्रारंभ हो जाती है। कार्यपरिषद सदस्य को मानद उपाधि देने पर कुलपति एडीएन वाजपेयी ने कहा कि

“नियमो के अनुसार ही मानद उपाधि दी जा रही है। कार्यपरिषद सदस्य को भी मानद उपाधि दी जा सकती है.. धरमजीत सिंह जी ने समाज के लिए विशिष्ट कार्य किये है। उनके अनुपस्थिति में कार्यपरिषद ने उनकी स्वीकृति दी है।”

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