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रायपुर 22 मार्च 2022. जीएसटी रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी की जाँच में नए तथ्य सामने आ रहे है। सेंट्रल जीएसटी अधिकारियो के अनुसार फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से किया गया जिसमे संचालक के अलावा अन्य लोग भी शामिल है, जो बराबर के हिस्सेदार हो सकते है। ऐसे में जाँच टीम उन लोगो को ट्रैस करने में जुटी है जो कंपनी संचालक के साथ हिस्सेदार, सहयोगी है। जाँच टीम को एक दर्जन से अधिक ऐसे कंपनियों के दस्तावेज मिले है जो कागजो में है, ऐसे में टीम उनकी वास्तविकता तलाशने में लगी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार फाइनेंस कंपनी संचालक अमन अग्रवाल ने अपने और परिचितों के नाम पर दर्जन भर से अधिक कंपनियां बना रखी है। इसके लिए उसने राजधानी के समता शॉपिंग आर्केड, मैग्नेटो मॉल और सिलतरा में ऑफिस बनाया है। अलग अलग ऑफिस देख जाँच टीम भी हैरान है।
आयकर अधिकारी पर सवाल ?
सेंट्रल जीएसटी की जाँच आगे बढ़ रही वैसे नई जानकारिया सामने आ रही है, जिसके बाद फाइनेंस कंपनी संचालक अमन और उसके अकॉउंटेंट पीयूष झाबक सहित अन्य लोगो की मुश्किलें बढ़ेगी। जानकारी अनुसार अमन के पिता प्रदीप अग्रवाल आयकर पदस्थ है, जो बेटे को बचाने जोर लगा रहे है। पीड़ित मोहन नायडू ने कहा की जीएसटी टीम आयकर अधिकारी की भूमिका की जाँच करे कि टैक्सचोरी मामले में उनकी क्या भूमिका थी? इस मामले में आयकर अधिकारी प्रदीप अग्रवाल ने स्वतंत्रबोल से कहा कि
“अमन का अपना कारोबार है, उसमे मेरा कोई इन्वॉल्मेंट नहीं है।”
