लाइसेंस में फर्जीवाड़ा: एक लाइसेंस पर चलती रही दर्जनों मेडिकल दुकाने, अब छह वर्षो से चल रही जाँच.. कब होगी पूरी ? जाँच अधिकारी की भूमिका संदिग्ध

रायपुर 27 मार्च 2022. दवा दुकानों को लाइसेंस जारी करने में गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायत पर वर्षो बीतने के बाद जाँच अधूरी है। मामला खाद्य एवं औषधि प्रसाधन विभाग का है जहा लिपिक ने एक ही नंबर के लाइसेंस से कई दवा दुकानों को मेडिकल लाइसेंस जारी कर दिया था। शिकायत पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर जाँच गठित की गई जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है।

जानकारी अनुसार विभाग के लिपिक अंजोरदास खूंटे पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी तरीके से एक ही नंबर के कई मेडिकल लाइसेंस जारी किया और उन्हें अलग अलग दवा दूकान संचालको को पैसे लेकर जारी कर दिया। शिकायत पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने लिपिक को सस्पेंड करते हुए जाँच करने निर्देशित किया, जो आज पर्यन्त तक अधूरी है। तत्कालीन में लाइसेंस शाखा देखने वाले लिपिक खूंटे ने नियमो को दरकिनार कर एक ही व्यक्ति के नाम पर कई मेडिकल लाइसेंस जारी कर दिया। उस लाइसेंस से रायपुर बिलासपुर मुंगेली पथरिया सहित दर्जन भर शहरो में करीब 15 से अधिक मेडिकल संचालित होते रहे।

अधूरी जाँच कब होगी पूरी..?

शिकायत पर विभाग ने अंजोरदास खूंटे के विरुद्ध विभागीय जाँच शुरू की। छह सालो से चल रही विभागीय जाँच में दो जाँच अधिकारी संजय नेताम और एसएस तोमर बदल गए पर जाँच पूरी न हो सकी। उनके बाद जाँच का जिम्मा एडीसी कमलकांत पाटनवार को दिया गया। बताते है कि खूंटे ने मृत फार्मासिस्ट के नाम पर लाइसेंस जारी कर दिया था और उस लाइसेंस से दर्जन भर से अधिक दवा दुकाने चलती रही। जाँच में सामने आया की फर्जी मेडिकल लाइसेंस के खूंटे ने दुकान संचालको से पैसे लिए और उन्हें फर्जी लाइसेंस जारी किया था। इस संबंध में मुंगेली के परमेश्वरी मेडिकल दुकान संचालक ने शपथ पत्र भी दिया है। उसके बाद भी अधिकारी जाँच पूरी नहीं कर पा रहे है।

दोषी कर्मचारी को सरंक्षण..?

दवा लाइसेंस के फर्जीवाड़े में विभागीय अधिकारी भी शामिल है। बिना उच्चाधिकारियो के सरंक्षण के फर्जी लाइसेंस जारी नहीं हो सकता है, ऐसे में अधिकारीयो द्वारा संबंधित लिपिक को सरंक्षण देने की बाते सामने आ रही है। इससे पहले बेमेतरा के पतोरा में वर्षा मेडिकल द्वारा दूसरे के लाइसेंस पर मेडिकल संचालित किया जा रहा था जिसमे वहां के ड्रग इंस्पेक्टर भास्कर राठौर की मिलीभगत सामने आई थी।

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