भोपाल 6 दिसंबर 2022. प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय मोटी रकम लेकर पीएचडी की डिग्री बाँट रहे है। बीते दस वर्षो के दौरान देशभर के चार हजार लोगो को निजी विश्वविद्यालयो ने डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्रदान किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके लिए संस्थानों ने प्रत्येक पीएचडी स्कालर्स से दस से 15 लाख रुपये वसूले है। जिसके अनुसार 50 करोड़ रुपये में 4000 उपाधियाँ बांटी गई है।

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यूजीसी के नियमो के अनुसार पीएचडी की डिग्री या उपाधि देने के लिए विश्वविद्यालय में गाइड प्रोफ़ेसर होना आवश्यक है, पर प्रदेश के दर्जन भर से अधिक निजी विश्वविद्यालयो में उतने प्रोफेसर नहीं है जितनी डिग्रीयां बांटी गई है, जिसके बाद से इन विश्वविद्यालयो पर सवाल उठ रहा है।
जिनमे सत्यसाई विश्वविद्यालय, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय, स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय सहित अन्य है। कुछ दिनों पहले तेलंगाना पुलिस ने ऐसे कई एजेंटो को गिरफ्तार किया है जो पैसे लेकर मध्यप्रदेश के निजी विश्वविद्यालयो से फर्जी डिग्री दिला रहे थे। छत्तीसगढ़ के मैट्स यूनिवर्सिटी और आइएसबीएम यूनिवर्सिटी में पैसे लेकर डिग्री बाटने का आरोप लगा है।

