रायपुर 7 अप्रैल 2022. रूसा मद में भ्रष्टाचार और स्मार्ट बोर्ड खरीदी में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों में घिरे रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरिशकांत पांडेय एक और गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि श्री पांडेय ने भ्रष्टाचार के पैसो से बिना उच्च शिक्षा विभाग के अनुमति के लाखो का भूखंड ख़रीदा है। शिकायत उच्च शिक्षा विभाग और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से की गई है।
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शिकायत अनुसार गिरीशकांत पांडेय ने कंकालीपारा में कौशल शर्मा, चैतन्य शर्मा कैलाश शर्मा सहित शर्मा बंधुओ से कंकालीपारा में 2398 वर्फ फीट भूखंड ख़रीदा है। साल 2020 में हुई रजिस्ट्री के पूर्व पांडेय ने शासन से विधिवत अनुमति नहीं ली और आनन फानन में रजिस्ट्री कर ली।
पद का दुरुपयोग..
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी श्री पांडेय को भूखंड क्रय करने के पूर्व नियमतः उच्च शिक्षा विभाग से अनुमति लेना था पर उन्होंने विभाग को जानकारी तक नहीं दिया। पद का दुरुपयोग करते हुए रविशंकर विश्वविद्यालय प्रबंधन से अनुमति लेकर रजिस्ट्री किया है। शिकायत के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने अपर संचालक को जाँच अधिकारी नियुक्त किया है जिन्होंने कुलसचिव पांडेय से रजिस्ट्री बैनामा के साथ पैसो की जानकारी माँगा है।
45 लाख में ख़रीदा-
स्वतंत्रबोल के पास मौजूद दस्तावेजों के अनुसार कुलसचिव पांडेय ने 2398 वर्ग फीट भूखंड को 45 लाख रुपये में ख़रीदा। उक्त सौदे का भुगतान बैंक खाते से किया, पर जाँच अधिकारी को बैंक खाते का स्टेटमेंट मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराया है। श्री पांडेय ने जाँच अधिकारी को बताया कि पुस्तैनी जमीन बेचकर, कुछ पैसे पत्नी और बच्चो से लेकर उक्त भूखंड को ख़रीदा है, जबकि उन्होंने अपनी जमीन मात्र 27 लाख में बेचा और उनकी पत्नी गृहणी है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर कुलसचिव गिरीशकांत पांडेय ने
“मैंने पुश्तैनी जमीन बेचकर उक्त भूखंड को ख़रीदा है। मै उच्च शिक्षा के साथ रविशंकर विश्वविद्यालय का कर्मचारी भी हु, मैंने विश्वविद्यालय से अनुमति लिया है.. जाँच अधिकारी ने जो पेपर्स माँगा उसे मैंने उपलब्ध करा दिया है, सब कुछ सही है।”
https://swatantrabol.com/neither-document-nor-experience-and-became-deputy-registrar-on-complaint-the-department-started-de/
