सरकार के गले का फ़ांस बनी आरक्षण में कटौती: आरक्षण में कटौती से आदिवासी समाज नाराज, अध्यादेश जारी आरक्षण देने की मांग की,

रायपुर 09 अक्टूबर 2022: अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण में कटौती के बाद आदिवासी समाज नाराज है। वही कटौती सरकार के लिए गले की फ़ांस बन गई है। सर्व आदिवासी समाज ने शनिवार को आदिवासी समुदाय के मंत्री, विधायकों और सांसदों के साथ बैठा की, फिर रात में ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री से उच्च न्यायालय के आदेश का प्रभाव खत्म करने के लिए अध्यादेश के जरिए 32 फीसदी आरक्षण को फिर से लागू करने की मांग की। जिस पर सीएम भूपेश ने उनसे आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा
“प्रदेश में आरक्षित वर्ग का किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा, यह हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता में है, हम सर्वाेच्च न्यायालय में जाएंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में भी इस सम्बंध में चर्चा करेंगे। आदिवासियों के हित को ध्यान रखते हुए इस मामले में जो भी आवश्यक कदम होगा, वह उठाया जाएगा।”
सीएम भूपेश से मुलाकात के दौरान मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, कवासी लखमा, अमरजीत भगत, अनिला भेंडिया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित बस्तर-सरगुजा संभाग के कई आदिवासी विधायक और सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख नेता मौजूद थे।

पोटाई गुट दबाव बनाने 10 अक्टूबर को आंदोलन करेगा-

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नेता सोहन पोटाई और छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ की बैठक कंवर समाज के भवन में हुई। इसमें विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम सरकार की ओर से शामिल हुए। सांसद दीपक बैज ने पत्र भेजकर समाज के फैसले को मानने की बात कही, उन्होंने भाजपा विधायकों ने चक्का जाम में व्यस्तता का हवाला दिया। बैठक में तय हुआ कि आरक्षण को बचाए रखने के लिए सरकार से तुरंत अध्यादेश जारी कराया जाए। इसके लिए दबाव बनाने को आदिवासी समाज 10 अक्टूबर को आंदोलन करेगा।

 

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