रायपुर 1 नवंबर 2022: रंग बिरंगे पोशाक से सजे नर्तक दल छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और राज्योत्सव के आगाज के लिए तैयार है. दरअसल साईंस कॉलेज मैदान में देश-विदेश के कलाकार आदिवासी संस्कृति के इन्द्रधनुषीय रंग बिखेरने जुटे है.
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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर तीसरी बार राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार यह आयोजन 1 से 3 नवंबर तक राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में किया जा रहा है। इस आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे विभिन्न राज्यों के आदिवासी कलाकारों ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव को लेकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ में होने वाला राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, राज्य की आदिवासी कला और संस्कृति के साथ ही देश के अन्य राज्यों की आदिवासी कला और कलाकारों को आगे बढ़ाने तथा नयी पहचान दिलाने के लिए बड़ा माध्यम बन रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी हितों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनायी हैं। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों और वनवासियों को अधिकार सम्पन्न बनाने वंचितों को वन अधिकार पत्र, वन संसाधन पत्र प्रदान करने से लेकर पेसा कानून बनाकर ग्राम सभा को शक्ति संपन्न बनाया गया। लोहाण्डीगुड़ा में 1707 किसानों की 42 सौ एकड़ से अधिक अधिगृहीत जमीन उन्हें लौटाने की पहल की गई। वहीं आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय की महत्ता को समझते हुए विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सार्वजनिक सामान्य अवकाश घोषित किया गया।
