EXCLUSIVE मुआवजा वितरण में करोडो का खेला: जाँच के दायरे में एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व अफसर, केंद्र सरकार की योजना में बंदरबांट!

‘स्वतंत्र बोल’
रायपुर 14 जुलाई 2023. केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण परियोजना भारत माला में भू अर्जन में पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। राजस्व अधिकारियो ने किसानो को देने वाले मुआवजा राशि में बंदरबांट किया है। राजस्व अधिकारियो ने मुआवजा के नाम पर करोडो खेल कर दिया है।

महिला मड़ई का लेखा जोखा: बाइक रैली में खर्चे साढ़े चौदह लाख, तो महिला सम्मेलन में फूंके 60 लाख.. छह दिन के आयोजन में खर्चे पौने तीन करोड़।

जानकारीनुसार दुर्ग से विशाखापट्टनम तक बनने वाले एक्सप्रेस वे भारत माला प्रोजेक्ट में रायपुर जिला अंतर्गत अभनपुर में बड़ा खेल हो गया। राजस्व अधिकारियो ने मुआवजा भूमि स्वामी के बजाये दूसरे व्यक्ति को जारी कर दिया, अब भूमि स्वामी की शिकायत पर कलेक्टर ने जाँच बिठा दिया है। अभनपुर में अरिहंत पारख, नरेंद्र पारख का जमीन भारतमाला परियोजना अंतर्गत शासन ने अधिग्रहण किया। भूमि अधिग्रहण के बाद अवार्ड पारित होने तक रिकॉर्ड में पारख परिवार था, पर मुआवजा वितरण के दौरान उनके स्थान ह्रदय धृतलहरे का नाम शामिल कर दिया गया और करोडो का मुआवजा ह्रदय धृतलहरे भू अर्जन अधिकारी ने जारी कर दिया। अब पारख परिवार की शिकायत पर कलेक्टर ने जाँच का निर्देश दिया है।
भारत माला में गुंथे पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम-
तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू
अभनपुर ब्लॉक में भारत माला प्रोजेक्ट में करीब 400 करोड़ का मुआवजा किसानो को मिलना था, जिसमे खेल हुआ है। नियमो के अनुसार किसानो से जमीन अधिग्रहण होने पर उसका उचित मुआवजा देना था, पर यहाँ राजस्व विभाग के अफसरो ने जमीं दलालो साठगांठ कर सरकारी धन में बंदरबांट कर दिया। इस पूरे खेल में अभनपुर ब्लॉक के अधिकांश पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम शामिल है, जिसमे प्रमुख रूप से जाँच के दायरे में योगेश देवांगन, रोशन वर्मा, और तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू है। निर्भय साहू अभनपुर में करीब ढाई वर्षो तक अनुविभागीय अधिकारी रहे, और उसी दौरान मुआवजा घोटाला हुआ है।
एडीएम को जाँच का जिम्मा-
भारत प्रोजेक्ट में भू अर्जन और मुआवजा वितरण में गड़बड़ी पर साल भर पूर्व बीजेपी नेताओं ने ने प्रेस वार्ता लेकर करोडो के घोटाला का आरोप लगाया था, जो अब सच प्रतीत होता है। उधर शिकायत के बाद नरेंद्र सर्वेश्वर भूरे ने एडीएम को जाँच का जिम्मा सौपा है। प्रारंभिक जाँच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।

विवादित भूमि की रजिस्ट्री पर ‘बवाल’, विधायक ने स्वतंत्र बोल को भेजा रजिस्ट्री और संस्था के दस्तावेज.. उधर कलेक्टर से शिकायत।

 

 

 

error: Content is protected !!