नई दिल्ली 18 नवम्बर 2022:ED के फर्जी नोटिस भेजकर वसूली करने वाले एक गैंग का खुलासा हुआ है। इस सिलसिले में दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में इस गैंग ने मुंबई के कारोबारी को अपना शिकार बनाया और उनसे 15 से 20 करोड़ रुपए वसूलने की कोशिश की थी। इस गैंग के सदस्य फिल्म स्पेशल 26 देखकर प्रेरित हुए थे। पुलिस ने इनके पास से बारह मोबाइल फोन और एक मारुति सियाज कार बरामद की है।
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आरोपियों की पहचान अखिलेश मिश्रा, दर्शन हरीश जोशी, विनोद कुमार पटेल, धर्मेन्द्र कुमार गिरी, नरेश महतो, असरार अली, विष्णू प्रसाद, देवेन्द्र कुमार और गजेन्द्र उर्फ गुड्डू के तौर पर हुई। आरोपियों में अखिलेश मिश्रा महज दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। उसी ने पीड़ित को मैसेज और कॉल कर ED को लेकर डराया था। आरोपी विष्णु प्रसाद पूर्व लोकसभा सांसद के पास बतौर PA काम कर चुका था।
कंपनी प्रेसिडेंट की शिकायत पर भोगल टैक्सी स्टैंड और खान मार्केट से दबोचा
स्पेशल सीपी क्राइम रविन्द्र यादव ने बताया कि नवी मुंबई नागरिक हरदेव सिंह ने इस मामले को लेकर शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने बताया वह कंपनी में प्रेसिडेंट है। उन्हें ED के दो नोटिस भेजे गए थे। उनके सहयोगी को अखिलेश मिश्रा नाम के एक शख्स ने बताया जल्द ही ED केस दर्ज करेगी, जिससे बड़ी मुसीबत आ सकती है। वह अपने जानकारों के जरिए उन्हें इस परेशानी से बाहर निकाल सकता है।
इसके बाद भी पीड़ित को पहले की तरह भेजा गया एक नोटिस स्पीड पोस्ट के जरिए मिला। इसके बाद आरोपी से संपर्क किया गया। पहले उनसे दो तीन करोड़ रुपए की माग की गई और दिल्ली में मिलने के लिए कहा। 9 नवंबर से 14 नवंबर तक आरोपी अखिलेश मिश्रा, उसका बेटा और दर्शन हरीश जोशी पीड़ित से संपर्क कर उन्हें ईडी की कार्रवाई का डर दिखाते रहे।
14 नवंबर कोअशोका होटल में एक मीटिंग फिक्स हुई
12 नवंबर को पीड़ित अखिलेश मिश्रा और दर्शन हरीश जोशी से मुंबई एयरपोर्ट पर मिले। उनसे कहा गया उनकी प्रॉपर्टी करोड़ों रुपए की है और वह महज कुछ करोड रुपए में ही इस केस को सैटल करना चाहते हैं। पीड़ित ने ही उनकी सैटलमेंट के वास्ते मुंबई से दिल्ली की एयर टिकट भी करवाई और 14 नवंबर को एक मीटिंग अशोका होटल में फिक्स हुई। यहां आरोपियों ने सैटलमेंट करने के नाम पर बीस करोड़ रुपए की मांग की। पीड़ित को उनकी भूमिका पर शक हुआ जिसके बाद यह मामला पुलिस के पास पहुंच गया।
ऑनलाइन सट्टा: पुलिस के रडार पर 500 बैंक खाते, फर्जी कंपनियां
