हाल ए रायपुर पुलिस: कोर्ट के आदेशों के बाद भी FIR नहीं, खुले में घूमते आरोपित पीड़ित को धमका रहे.. रसूखदार आरोपियों पर मेहरबान पुलिस!

स्वतंत्र बोल
रायपुर 25 फरवरी 2024.  कानून व्यवस्था और मुस्तैदी को लेकर राजधानी पुलिस के अपने दावे है पर गंभीर मामलो पर पुलिस कार्यवाही कमजोर पड़ रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने राजधानी कप्तान का चार्ज लेते ही कानून व्यवस्था सुधारने और अविलंब कार्यवाही के निर्देश दिए पर इसका समुचित पालन नहीं हो रहा। आधा दर्जन से अधिक ऐसी मामले है जिन पर पुलिस ने कोर्ट के आदेशों के बाद भी अपराध ही पंजीबद्ध नहीं किया, और अगर किया भी तो आगे कार्यवाही नहीं की, जिससे आरोपितों को अपना बचाव करने और लापता होने का समय मिल गया। यह सब हो रहा राजधानी में…तो राजधानी के पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति को समझा जा सकता है।

 

पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह

 

भू प्रेमी अफसरों की शिकायत: अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण पर खानापूर्ति कार्यवाही, पहले ब्लॉक फिर अनब्लॉक का खेल..

कारोबारी नेता पर पांच महीने बाद भी अपराध दर्ज नहीं-


राजधानी के नविन दुबे ने चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के नेता अमर परवानी के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस थाने में अपराध दर्ज करने निवेदन किया। पुलिस ने महीनो के जाँच पड़ताल के बाद फैना काटकर कोर्ट जाने की नसीहत दी। पीड़ित ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया, जाँच के बाद प्रतहम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती कुलदीप की कोर्ट ने अमर पारवानी संचालक जीके होंडा जीई रोड के खिलाफ धारा 420,408 अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर 07 अक्टूबर 2023 तक प्रतिवेदन जमा करने आदेशित किया, पर पांच महीनो बाद भी तेलीबांधा पुलिस ने अपराध दर्ज नहीं किया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेशों को सिर्फ रद्दी में नहीं डाला वरन उच्चाधिकारियों के आदेशों का भी पालन नहीं किया।

महीने भर बाद भी एफआईआर नहीं-


कुशालपुर निवासी रवि पेडुवार ने समाज कल्याण विभाग के अपर संचालक पंकज वर्मा के खिलाफ फर्जी दस्तावेजो से नौकरी करने का आरोप लगता हुए पुरानी बस्ती थाने में एफआईआर का आवेदन दिया। पुलिस ने आवेदक को 155 का फाइना काटकर उलटे पाँव लौटा दिया। आवेदक ने कोर्ट में परिवाद डकहील किया तो प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट समीर कुजूर की कोर्ट ने पंकज वर्मा के खिलाफ धारा 420,467,471 अंतर्गत अपराध दर्ज कर जाँच का आदेशित किया। जिस पर एक महीने बाद पुराणी बस्ती थाना पुलिस ने अपराध दर्ज नहीं किया है।

आरोपितो को खुली छूट-


तिल्दा में भूमाफिया द्वारा किसान की जमीन पर फर्जीवाड़ा कर बेचने और दबंगई करने पर पीड़ित ने जिला प्रशासन से गुहार लगाया। राजस्व अधिकारियो ने पीड़ित की बजाये भूमाफिया को लाभ पहुंचाया। पीड़ित ने स्थानीय कोर्ट में परिवाद दाखिल कर न्याय का गुहार लगाया तो अलोक पांडेय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने भूमाफियाओ राजकुमार भिख्वानी, सुरेश भिख्वानी और दिव्या तनेजा के खिलाफ धारा 420, 447,120बी अंतर्गत अपराध दर्ज करने आदेशित किया। सप्ताह भर तक पुलिस एफआईआर करने आनाकानी करती रही, पीड़ित ने अपराध दर्ज नहीं होने तक थाने से नहीं हटने कहा तो पुलिस ने अपराध दर्ज किया, पर 15 दिनों बाद भी गैर जमानती धाराओं में दर्ज एफआईआर पर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की। पुलिस का तर्क है कि कोर्ट ने अपराध दर्ज कर जाँच करने लिखा है, गिरफ्तारी नहीं.. सो जाँच कर रहे है। उधर आरोपित भूमाफिया पीड़ित को धमका रहा है।

 

नेता प्रतिपक्ष ने मंत्रियो को कहा “नालायक” कहा- मंत्री नहीं बनने से निकल रहा गुस्सा

फ़ैक्ट्री में विस्फोट,एक की मौत.. FIR नहीं-


तीन दिन पहले राजधानी के धरसींवा थाना अंतर्गत कपसदा में फार्चून मेटालिक्स (सरिया बनाने वाली कंपनी) में ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि एक किलोमीटर दूर तक आवाज सुनाई दी, धूल और धुएं का गुबार दो किलोमीटर दूर से नजर आया। घटना में एक मजदुर की मौके पर ही जलकर मौत हो तो दो मजदुर गंभीर रूप से घायल है, जिनका अस्पताल में ईलाज जारी है। मृतक और घायक चुकी पर प्रांतो से है तो फ़ैक्ट्री प्रबधन को मामले को दबाने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। स्थानीय नेताओ और ,मजदूरों ने हंगामा किया पर पुलिस ने सबको खदेड़ दिया। घटना के चार दिनों बाद भी पुलिस ने अपराध दर्ज नहीं किया है। पुलिस बिना अपराध दर्ज किये जाँच की बाते कह रही है।

 

तड़के 5 बजे रायपुर पुलिस ने की छापेमारी, 112 अपराधी गिरफ्तार

 

error: Content is protected !!