झारखंड 17 नवम्बर 2022: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय पहुंच गये हैं। उन्होंने तीन पन्ने का पत्र ईडी को लिखा है। जिसमें अपना पक्ष रखा है। ईडी कार्यालय रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री आवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्यपाल रमेश बैस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई उनकी सरकार को अस्थिर करने की साजिश की जा रही है।
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विपक्ष के हाथों में खेल रहे राज्यपाल : सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आशंका जताई कि कार्यपालिका निरंकुश हो सकती है। सोरेन ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी सरकार को अस्थिर करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने राज्यपाल पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल प्रदेश में बम और पटाखे फोड़ने की बात करते हैं। ऐसा लगता है कि राज्यपाल भी विपक्ष के हाथों में खेल रहे हैं।
राज्यपाल किसी समय का कर रहे थे इंतजार : CM
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्यपाल ने अब तक लिफाफा को नहीं खोला। मुझे लगता है कि वो भी किसी समय का इंतजार कर रहे थे। चुनाव आयोग से राज्यपाल ने दूसरा मंतव्य मांगा है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक है। इस संबंध में जब उन्होंने चुनाव आयोग से जानकारी मांगी, तो बताया गया कि राज्यपाल ने कोई मंतव्य नहीं मांगा है।
ईडी ऑफिस के बाहर कड़ी सुरक्षा
मुख्यमंत्री के ईडी ऑफिस आने से पहले केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी। रांची के उपायुक्त, एसपी और सिटी एसपी ने खुद ईडी ऑफिस पहुंचकर सुरक्षा का जायजा लिया। राजनीतिक दलों की ओर से धरना-प्रदर्शन किये जाने की गुप्त सूचना के बाद प्रशासन ने हिनू चौक से एयरपोर्ट तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
अवैध खन मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने बुलाया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध खनन मामले में पूछताछ के लिए मुझे ईडी ने बुलाया है। मैंने ईडी को पत्र भेजा है। 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। साल में पूरे राज्य में स्टोन चिप्स से 1,000 रुपये की आमदनी नहीं होती। इसका आधार कैसे बना, ये समझ से परे है। उन्होंने कहा कि 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने के लिए कितने करोड़ का खनन हुआ होगा, उसका ट्रांपोर्टेशन कैसे हुआ।
