चौपाल चर्चा
रायपुर 23 जुलाई 2022
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दूध और राशन का ध्यान रखने वाल अधिकारी..
सरकार के एक विभाग में पदस्थ संयुक्त संचालक का जलवा है। जलवा हो भी क्या ना हो, विभाग के संचालक से लेकर विभागीय मंत्री तक सभी खुश हो तो जलवा रहेगा ही। मसला ऐसा है कि अधिकारी ने उच्चाधिकारियों से लेकर मंत्री तकज सबको साध कर रखा है, मंत्री के बंगले में दैनिक उपयोग की चीजों मसलन दूध, धनिया और राशन तक का ध्यान रखता है। इसके लिए साहब ने एक सरकारी गाडी और ड्राइवर की ड्यूटी लगा रही है जो प्रतिदिन सुबह एक सरकारी गाडी में दूध छोड़ने बंगले जाता है। बंगले में लगने वाले राशन से लेकर मंत्री पुत्रो के खाने-पीने, महंगे मोबाइल और ऐसो आराम की सुविधाओं का ध्यान रखता है। ऐसे में मंत्री भी बिना देखे और ज्यादा जाँच पड़ताल के उसके द्वारा लाइ गई फाइलों पर सीधा हस्ताक्षर कर देती है। माया जाल में महारत हासिल संयुक्त संचालक ने विभाग से मंत्रालय से लेकर मंत्री बंगले तक अपना एक मुखबिर बिठा रखा है जो विभाग और मंत्री के पल पल का अपडेट देते है। धन धान्य से समृद्ध अधिकारी पर ईओडब्लू भी पेशी कर चुकी है। बताते है कि हाल ही में 200 करोड़ के नए घोटाले में उलझे है।
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सरकार की छवि चमकाने वाले खुद दागदार…
सरकार की छवि चमकाने का जिम्मा संभालने वाला खुद की छवि नहीं सुधार पा रहा है। सत्ता परिवर्तन के बाद सैकड़ो करोड़ के घोटाले और गड़बड़ियों की शिकायतो के बाद भी सुधार नहीं हुआ है। दरअसल विभाग के संबंधीत संस्था में एक अधिकारी को अयोग्य होने के बाद भी नियुक्ति करने की शिकायत आधा दर्जन लोगो ने किया था । मामला दस साल पुराना है, शिकायत पर जाँच हुई और शिकायत सही पाई गई पर कार्यवाही के पहले पूरी रिपोर्ट गायब हो गई। साल 2021 में फिर फ़ाइल खुली तो दोबारा पेपर ढूंढे गए, जानकारिया जुटाई गई और अब तक कार्यवाही नहीं हुई है। जिस साहब की शिकायत हुई वो लंदन यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा लेकर रखे है। अब एक बार फिर फाइलें खुलवाने की तैयारी हो रही है।
कुलपति और कुलसचिव की होगी विभागीय जाँच
बस्तर के शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव की जाँच होगी, दोनों पर गंभीर आरोप है। कुलपति का कार्यकाल दो महीने शेष है और अब जाँच अधिकारी ने दस्तक दी है। दरअसल यहाँ के कुलपति और कुलसचिव ने बीते पांच वर्षो में बड़ा खेल किया है, जिसकी शिकायते उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंची थी, .विभाग ने जाँच अधिकारी नियुक्त किया है जो अब जाँच करेगा।
वजन करने की मशीन में डंडी..
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है,खासकर तब जब विभाग महिला और बच्चो से संबंधित हो। यहाँ कुछ दिनों पहले वजन करने का मशीन ख़रीदा गया, वित्तीय वर्ष के आखरी दिनों में बिना जाँच परख के मशीने खरीदी गई और संभवतः भुगतान भी हो गया। खरीदी के दो महीने बाद जिम्मेदारों को ध्यान आया की मशीनों में नाप तौल का ठप्पा ही नहीं लगा है, ऐसे में मशीनों को बाटने पर रोक लगा दी। अब सवाल उठ रहा कि खरीदने के पूर्व ठप्पा सहित अन्य तकनिकी बिन्दुओ की जाँच क्यों नहीं की गई? करोड़ो की लागत से 17000 नग मशीने खरीदी गई है जिनमे ठप्पा लगाने में विभाग को साल भर लग जायेगा। बताते है कि खरीदी का जिम्मा भुरका के निपोर के पास थी, अब एक बार फिर संचालक सहित टीम फस गई है।
कैंपा के श्रीनिवास…
जंगल विभाग में गड़बड़ी पर मंत्री ने विधानसभा से एक रेंजर को सस्पेंड करने की घोषणा की। प्रदेश में अधिकांश जिलों में कैम्पा में गड़बड़ी की शिकायतें है, मरवाही में करीब 100 करोड़ की फर्जीवाड़े की जांच जारी है। खैरागढ़ में कागजों में भुगतान हुआ.. कैम्पा में आखिर इतनी शिकायतों के बाद भी उचित कार्यवाही का अभाव है। दरअसल गड़बड़ी का तार अरण्य भवन के कैंपा सेक्शन से जुड़ी हुई है जहा, विगत चार वर्षो से एक ही व्यक्ति अंगद की तरह जमा हुआ है। ऐसे में मंत्री को पहली चाबुक वही चलानी चाहिए जिसका असर पूरे प्रदेश में हो।
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